गोल्ड लोन में रिकॉर्ड उछाल! RBI के आंकड़ों ने खोली बाजार की नई तस्वीर

Gold Loan
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भारत में गोल्ड लोन की मांग इस साल लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक गोल्ड लोन बकाया में 128.5% की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई। यह आंकड़ा बढ़कर ₹3.38 लाख करोड़ पर पहुंच गया है।
मार्च 2025 की तुलना में यह लगभग 63.6% का उछाल है, जो पिछले कई वर्षों में सबसे तेज वृद्धि मानी जा रही है।

दिलचस्प बात यह है कि पिछले 12 महीनों में पर्सनल लोन की कुल बढ़ोतरी में एक-चौथाई हिस्सा गोल्ड लोन का रहा। पर्सनल लोन खुद भी मजबूत उछाल के साथ अक्टूबर 2025 के अंत तक 14% बढ़कर ₹64.56 लाख करोड़ पर पहुंच चुके हैं।


गोल्ड लोन की डिमांड क्यों बढ़ रही है?

RBI के अनुसार, गोल्ड लोन में हुई अचानक वृद्धि के पीछे कई बड़े कारण हैं:

1️⃣ खेती-किसानी के लिए गोल्ड लोन को नई श्रेणी में शामिल करना

मई 2024 से कृषि से जुड़े सोने पर दिए जाने वाले लोन को भी रिटेल गोल्ड लोन की कैटेगरी में जोड़ दिया गया, जिससे गोल्ड लोन के आंकड़ों में बड़ा इजाफा हुआ।

2️⃣ सिक्योर्ड लोन की बढ़ती मांग

पर्सनल लोन की वृद्धि में अब भी सुरक्षित यानी गिरवी आधारित लोन की ही बड़ी भूमिका है।

  • हाउसिंग लोन: 11% बढ़कर ₹31.87 लाख करोड़

  • ऑटो लोन: 12.5% बढ़कर ₹6.77 लाख करोड़

  • एजुकेशन लोन: 14.7% उछाल के साथ ₹1.49 लाख करोड़


अनसिक्योर्ड लोन की वृद्धि धीमी

जहां सिक्योर्ड लोन तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं अनसिक्योर्ड लोन की रफ्तार कमजोर दिखी:

  • कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन: केवल 1% वृद्धि

  • क्रेडिट कार्ड बकाया: 7.7% बढ़कर ₹3.03 लाख करोड़

  • अन्य पर्सनल लोन: 9.9% बढ़कर ₹16.17 लाख करोड़

आम जनता की बढ़ती लोन डिमांड के कारण बैंकों का कुल क्रेडिट अक्टूबर 2025 तक 11.3% बढ़कर ₹193.9 लाख करोड़ पर पहुंच गया है।


सर्विस सेक्टर बना क्रेडिट ग्रोथ का नया इंजन

नॉन-रिटेल लोन में सर्विस सेक्टर की भूमिका सबसे ज्यादा मजबूत रही।

  • इस सेक्टर को दिया गया क्रेडिट 13% बढ़कर ₹53.45 लाख करोड़ हो गया।

  • सॉफ्टवेयर, शिपिंग और कमर्शियल रियल एस्टेट में तेज विस्तार रहा।

  • NBFCs को मिलने वाला बैंक क्रेडिट भी 10.9% बढ़कर ₹17.04 लाख करोड़ तक पहुंच गया।