UP Samuhik Vivah Yojana 2026: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पंजीकृत श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना सामने आई है, जिसके तहत बेटियों की शादी पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह पहल खासतौर पर उन श्रमिक परिवारों के लिए राहत लेकर आई है, जो सीमित आय के कारण विवाह जैसे बड़े खर्च को लेकर चिंतित रहते हैं।
मऊ जिले में सहायक श्रम आयुक्त प्रभात कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत पात्र श्रमिकों को शादी के बाद ₹85,000 की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। यह योजना उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत संचालित की जा रही है।
1 मई को होगा सामूहिक विवाह समारोह
सरकार के निर्देशानुसार, आजमगढ़ मंडल में 1 मई 2026 को सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से एक साथ कई श्रमिक परिवारों की बेटियों का विवाह संपन्न कराया जाएगा, जिससे खर्च कम होगा और सामाजिक सहयोग भी बढ़ेगा।
यह आयोजन न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करेगा, बल्कि सामूहिक विवाह के जरिए समाज में समानता और सहयोग की भावना को भी मजबूत करेगा।
कौन उठा सकता है इस योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ केवल उन्हीं श्रमिकों को मिलेगा जो श्रम विभाग में पंजीकृत हैं। साथ ही कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी निर्धारित की गई हैं:
- श्रमिक का पंजीकरण कम से कम एक वर्ष पुराना होना चाहिए
- आवेदक ने किसी अन्य विभाग से इसी प्रकार की विवाह सहायता योजना का लाभ न लिया हो
- यह सहायता अधिकतम दो पुत्रियों के विवाह तक ही सीमित है
इन शर्तों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ सही और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे।
आवेदन प्रक्रिया क्या है?
जो श्रमिक इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें सहायक श्रमायुक्त कार्यालय, कलेक्ट्रेट मऊ में जाकर अपने दस्तावेज जमा करने होंगे।
आवेदन प्रक्रिया को सरल रखा गया है ताकि अधिक से अधिक श्रमिक परिवार इसका लाभ उठा सकें।
जरूरी दस्तावेज
योजना में आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेज अनिवार्य हैं:
- 365 दिन पुराना पंजीकरण प्रमाण पत्र
- वर-वधू का आधार कार्ड और परिवार रजिस्टर की प्रति
- आयु प्रमाण (जन्म प्रमाण पत्र या हाईस्कूल मार्कशीट)
- स्वप्रमाणित घोषणा पत्र
- मोबाइल नंबर
सभी दस्तावेज सही और अपडेटेड होने चाहिए, ताकि आवेदन प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा न आए।
श्रमिक परिवारों के लिए बड़ी राहत
यह योजना श्रमिक वर्ग के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखी जा रही है। अक्सर आर्थिक तंगी के कारण बेटियों की शादी में देरी या कठिनाई होती है। ऐसे में ₹85,000 की सहायता राशि न केवल आर्थिक बोझ कम करेगी, बल्कि परिवारों को सम्मानपूर्वक विवाह कराने में मदद करेगी।
साथ ही, सामूहिक विवाह जैसे आयोजन सामाजिक एकता को भी बढ़ावा देते हैं और अनावश्यक खर्चों को सीमित करने में सहायक होते हैं।
सरकार की सकारात्मक पहल
उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की यह पहल सरकार की श्रमिकों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सहयोग, समानता और समर्थन की भावना को भी मजबूत करती है।
अगर आप या आपका कोई परिचित श्रमिक इस योजना के लिए पात्र है, तो समय रहते आवेदन करना बेहद जरूरी है। यह न सिर्फ आर्थिक मदद देगा, बल्कि बेटी की शादी को आसान और सम्मानजनक बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

