नकली ऑनलाइन स्टोर के झांसे में बिल्डर से 60 लाख की ठगी, फेसबुक फ्रेंड बनी मुसीबत

Noida
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Noida: नोएडा में एक बिल्डर को फेसबुक पर हुई दोस्ती भारी पड़ गई जब ऑनलाइन स्टोर में निवेश का लालच देकर साइबर ठगों ने उससे करीब 60 लाख रुपये ऐंठ लिए। दो महीनों तक लाभ का मीठा झांसा देकर रकम निवेश करवाई गई, लेकिन जब बिल्डर ने अपना पैसा निकालने की कोशिश की, तब उसे समझ आया कि वह एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुका है।

फेसबुक फ्रेंडशिप से शुरू हुआ ठगी का खेल

सेक्टर-43 निवासी बिल्डर मनोज 20 अगस्त को फेसबुक पर एक महिला, जिसने अपना नाम माही बताया, के संपर्क में आए। दोनों के बीच व्हाट्सऐप पर बातचीत शुरू हुई। कुछ ही दिनों बाद महिला ने मनोज को एक ऑनलाइन स्टोर चेन से जुड़कर बिजनेस करने और 15–20% तक मुनाफा कमाने का लालच दिया।

मनोज को भरोसा दिलाने के लिए ठग ने स्वयं को इस बिजनेस से जुड़ा बताया और उन्हें “विश शॉप” नामक एप पर बल्क में उत्पाद खरीदने और 24 घंटे के भीतर बेचने का तरीका बताया। पहली ही डील में 20% मुनाफा मिलते देख मनोज का विश्वास और बढ़ गया।

दो महीनों में 60 लाख रुपये का निवेश

लाभ दिखाकर ठगों ने मनोज को बार-बार निवेश करने के लिए प्रेरित किया। 24 नवंबर तक मनोज ने 22 अलग-अलग लेनदेन में 60 लाख रुपये ऐप में जमा कर दिए। एप पर कुल बैलेंस मुनाफे सहित 1.10 करोड़ रुपये दिख रहा था।

लेकिन जब मनोज ने यह राशि निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने कहा कि रकम निकालने से पहले उन्हें 11 लाख रुपये टैक्स के रूप में जमा करने होंगे। इसी बीच ठगों ने डराने की कोशिश करते हुए कहा कि अमेरिकी सरकार ने उनका खाता फ्रीज कर दिया है।

जब मनोज ने टैक्स देने से इनकार किया, तो ठगों ने उनसे संपर्क तोड़ दिया।

आरबीआई का हवाला देकर भी गुमराह किया

पीड़ित के अनुसार ठगों ने उन्हें एक कथित “RBI ईमेल” का उल्लेख करते हुए बताया कि उनकी निवेश की गई राशि ‘अवैध धन’ मानी जा रही है। इससे मनोज और अधिक भ्रमित हो गए।

साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज

ठगी का अहसास होते ही मनोज ने तुरंत एनसीआरपी पोर्टल और साइबर क्राइम थाना पुलिस में शिकायत की।
एडीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जिन बैंकों के खातों में रकम भेजी गई है, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है।

इन बैंकों के खातों में भेजी गई राशि

ठगों ने मनोज को जिन बैंकों में पैसे भेजने को कहा, उनमें शामिल हैं:
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, IDBI बैंक, यूको बैंक, यस बैंक, एक्सिस बैंक, केरल ग्रामीण बैंक, बंधन बैंक, इंडसइंड बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा।

पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।