Ghaziabad Woman Suicide Case: गाजियाबाद के वेव सिटी थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जहां 23 वर्षीय युवती ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान करिश्मा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि उसने सल्फास जैसी जहरीली दवा का सेवन किया था। शनिवार को हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन रविवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, युवती को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
करिश्मा के परिवार ने इस घटना के लिए चार लोगों को जिम्मेदार ठहराया है, जिनमें उसकी बचपन की दोस्त शिवांगी भी शामिल है। मृतका के पिता पवन वर्मा का आरोप है कि शिवांगी, उसकी भाभी सपना, राहुल नामक एक युवक और दिल्ली निवासी राहुल जैन ने मिलकर उनकी बेटी के साथ करीब 25 से 30 लाख रुपये की ठगी की। परिवार का दावा है कि आरोपियों ने विश्वास में लेकर धीरे-धीरे करिश्मा से बड़ी रकम अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करवा ली।
परिजनों का कहना है कि यह रकम करिश्मा की मेहनत की कमाई थी। उनका आरोप है कि आरोपियों ने उसे झांसे में लेकर आर्थिक रूप से शोषण किया। जब करिश्मा ने अपने पैसे वापस मांगे, तो उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और ब्लैकमेल किया जाने लगा।
परिवार का मानना है कि इसी आर्थिक विवाद और मानसिक दबाव के चलते करिश्मा ने यह कदम उठाया। परिजनों ने यह भी बताया कि करीब सात महीने पहले भी उसने इसी तरह तनाव के चलते आत्महत्या का प्रयास किया था। उस समय वेव सिटी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
हालांकि, परिवार का आरोप है कि उस समय पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की। मामला बाद में अदालत तक पहुंचा। बताया जाता है कि कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आरोपियों ने लाखों रुपये के चेक दिए थे, लेकिन विवाद पूरी तरह सुलझ नहीं पाया। यह मामला अभी भी न्यायालय में लंबित है।
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में दोनों पक्षों के बीच आर्थिक लेनदेन को लेकर विवाद की बात सामने आई है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि बैंक खातों के लेनदेन, डिजिटल संवाद और पहले दर्ज शिकायतों की जांच की जा रही है ताकि घटनाक्रम को स्पष्ट किया जा सके।
मामले को और जटिल बनाते हुए पुलिस ने बताया कि आरोपियों की ओर से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) एक्ट के तहत भी एक शिकायत दर्ज कराई गई है। ऐसे में पुलिस सभी पहलुओं—आर्थिक ठगी, आत्महत्या के लिए उकसाने, मानसिक उत्पीड़न और प्रतिआरोपों—की निष्पक्ष जांच कर रही है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ठगी और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप सिद्ध होते हैं, तो आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में कार्रवाई हो सकती है। वहीं, यह घटना एक बार फिर इस बात को उजागर करती है कि आर्थिक शोषण और मानसिक उत्पीड़न का युवाओं के जीवन पर कितना गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
फिलहाल, करिश्मा का परिवार अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग कर रहा है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद साक्ष्यों के आधार पर उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे। मामला अभी जांच के अधीन है।

