Noida Green Crackers, दिवाली नजदीक है और इसी के साथ आतिशबाज़ी को लेकर तैयारियां भी जोरों पर हैं। लेकिन इस बार परंपरा में थोड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने जिले में पटाखों की बिक्री और जलाने को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइन के अनुसार, केवल “ग्रीन पटाखे” (Green Crackers) ही बेचे और जलाए जा सकेंगे।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ये आदेश प्रदूषण नियंत्रण और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किए गए हैं। साथ ही पटाखों की बिक्री और जलाने के लिए तय समय, स्थान और प्रक्रिया का पालन अनिवार्य होगा।
तीन दिन तक ही पटाखों की बिक्री की अनुमति
गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने बताया कि ग्रीन पटाखों की बिक्री केवल 18 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2025 तक ही अनुमन्य होगी। बिक्री के लिए अस्थायी लाइसेंस जारी किए जाएंगे और यह प्रक्रिया निर्धारित नोडल अधिकारियों की निगरानी में पूरी की जाएगी।
जिले के तीनों जोन के पुलिस उपायुक्तों (DCPs) को लाइसेंस जारी करने और निरीक्षण का दायित्व सौंपा गया है। किसी भी विक्रेता को बिना अनुमति बिक्री करने की अनुमति नहीं होगी।
पुलिस ने कहा — “सभी विक्रेता तय किए गए स्थल पर ही अस्थायी दुकानें लगाएंगे। अग्निशमन व्यवस्था, पानी की सुविधा और सुरक्षा उपायों का पालन करना अनिवार्य होगा।”
पटाखे जलाने का समय भी तय
पुलिस एडवाइजरी के अनुसार,
19 अक्टूबर और 20 अक्टूबर को ही लोग पटाखे जला सकेंगे।
सुबह 6 बजे से 7 बजे तक और शाम 8 बजे से 10 बजे तक ही आतिशबाज़ी की अनुमति दी जाएगी।
इस समय सीमा से बाहर कोई भी व्यक्ति पटाखे जलाता पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने बताया कि ग्रीन पटाखों को छोड़कर अन्य सभी तेज आवाज़ वाले, धुआँ फैलाने वाले या गैर-अनुमोदित ब्रांड के पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई का आदेश
किसी भी विक्रेता द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने पर उसका लाइसेंस तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा।
इसके अलावा, आरोपी पर विस्फोटक पदार्थ अधिनियम (Explosives Act) और वायु प्रदूषण नियंत्रण कानून (Air Pollution Act) के तहत कार्रवाई की जाएगी।
थाना प्रभारियों को आदेश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करें और किसी भी अवैध बिक्री की सूचना पर तत्काल छापा मारें।
क्या हैं “ग्रीन पटाखे”?
“ग्रीन पटाखे” वे पटाखे हैं जिनमें पारंपरिक बारूद या भारी धातु (जैसे बेरियम नाइट्रेट) की मात्रा कम होती है।
ये पटाखे अपेक्षाकृत कम धुआँ और कम आवाज़ पैदा करते हैं।
वैज्ञानिकों के अनुसार, ग्रीन पटाखे 30% तक कम प्रदूषण फैलाते हैं और इनका उत्सर्जन पर्यावरणीय मानकों के भीतर रहता है।
पुलिस की अपील: सुरक्षित और स्वच्छ दिवाली मनाएँ
गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और “नो क्रैकर्स, मोर लाइट्स” का संदेश अपनाएँ।
सभी नागरिकों से कहा गया है कि वे अपने बच्चों को ग्रीन पटाखों की पहचान सिखाएँ और किसी भी अवैध बिक्री की सूचना तुरंत पुलिस या 112 हेल्पलाइन पर दें।
पुलिस उपायुक्त ने कहा —
“हम चाहते हैं कि दिवाली की खुशियाँ सबके जीवन में उजाला लाएँ, लेकिन किसी के स्वास्थ्य या पर्यावरण की कीमत पर नहीं।”

