Bardhaman Railway Station (पश्चिम बंगाल), पश्चिम बंगाल के वर्धमान रेलवे स्टेशन पर रविवार की शाम अफरा-तफरी मच गई जब प्लेटफॉर्म नंबर 4 और 5 को जोड़ने वाली सीढ़ियों पर अचानक भारी भीड़ के कारण भगदड़ हो गई। इस हादसे में कम से कम सात यात्री घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए वर्धमान मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा शाम करीब 5:15 से 5:25 बजे के बीच हुआ।
कैसे हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उस समय स्टेशन पर तीन ट्रेनें एक साथ खड़ी थीं — प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर हल्दीबाड़ी एक्सप्रेस, प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर हावड़ा मेन लाइन की लोकल ट्रेन, और पास के प्लेटफॉर्म 6 पर एक अन्य लोकल ट्रेन। इन ट्रेनों में चढ़ने और उतरने के लिए यात्रियों की भारी भीड़ फुट ओवरब्रिज और सीढ़ियों पर जमा हो गई।
थोड़ी ही देर में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और सीढ़ियों पर चढ़ते-उतरते यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कुछ लोग गिर पड़े, और पीछे से आ रही भीड़ ने उन्हें कुचल दिया।
राहत और बचाव कार्य
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राज्य पुलिस (GRP) की टीम मौके पर पहुंची। घायल यात्रियों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। आरपीएफ के अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को लगभग 10 मिनट के भीतर काबू में ले लिया गया।
स्टेशन प्रशासन ने दावा किया है कि हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। रेलवे ने भीड़ नियंत्रण और प्लेटफॉर्म पर सिग्नलिंग में सुधार के निर्देश जारी किए हैं।
इस साल की तीसरी बड़ी भगदड़ रेलवे स्टेशन पर
यह हादसा 2025 में रेलवे स्टेशनों पर हुई तीसरी बड़ी भगदड़ है। इससे पहले —
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फरवरी 2025: मुंबई के दादर स्टेशन पर लोकल ट्रेन में चढ़ने की जल्दबाजी में मची भगदड़ में 5 लोग घायल हुए थे।
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जून 2025: उत्तर प्रदेश के कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर अचानक बारिश और बिजली गुल होने के कारण प्लेटफॉर्म पर अफरातफरी मच गई थी, जिसमें 8 लोग घायल हुए।
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और अब अक्टूबर 2025 में वर्धमान स्टेशन पर यह तीसरी बड़ी घटना सामने आई है।
रेलवे सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, देश के बड़े स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण प्रबंधन, ओवरब्रिज डिज़ाइन और अलर्ट सिस्टम में सुधार की आवश्यकता है। विशेष रूप से त्योहारों और छुट्टियों के समय अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती जरूरी बताई जा रही है।
प्रशासन का बयान
पूर्व रेलवे ज़ोन के अधिकारियों ने कहा कि यह हादसा “भीड़ नियंत्रण में कमी और समय पर सूचना न मिलने” के कारण हुआ। उन्होंने बताया कि स्टेशन पर जल्द ही CCTV निगरानी प्रणाली को और बेहतर किया जाएगा तथा भीड़ के समय प्लेटफॉर्म गेट को नियंत्रित तरीके से खोला जाएगा।

