गाज़ा संघर्ष पर अमेरिकी राष्ट्रपति का सख्त रुख
गाज़ा में जारी हिंसा के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को इस्राइल की सराहना की कि उसने बमबारी रोककर शांति वार्ता और बंधक रिहाई के प्रयासों को मौका दिया। लेकिन इसी के साथ ट्रंप ने हमास को कड़ी चेतावनी दी कि वह “जल्दी कार्रवाई करे, वरना हालात बेकाबू हो सकते हैं।”
ट्रंप का यह बयान तब आया जब उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा—
“हमास को तुरंत आगे बढ़ना होगा। मैं किसी भी देरी या ऐसे नतीजे को बर्दाश्त नहीं करूंगा जिससे गाज़ा फिर खतरा बने।”
इस्राइल की नई बमबारी ने बढ़ाया तनाव
हालांकि ट्रंप ने दावा किया कि इस्राइल ने बमबारी अस्थायी रूप से रोक दी है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार शनिवार को गाज़ा में इस्राइली हमलों में 40 से अधिक लोगों की मौत हो गई।
रॉयटर्स के मुताबिक, गाज़ा सिटी और खान यूनिस में हुए हमलों में छह नागरिकों की जान गई। वहीं, इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने कहा कि गाज़ा का बड़ा इलाका अब भी “सक्रिय युद्ध क्षेत्र” बना हुआ है।
आईडीएफ के प्रवक्ता कर्नल अविचाय अदरई ने चेताया कि गाज़ा सिटी लौटना बेहद खतरनाक है —
“आईडीएफ सैनिक अभी भी गाज़ा सिटी में ऑपरेशन कर रहे हैं। किसी भी नागरिक को इन इलाकों में लौटने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।”
हमास ने ट्रंप की योजना को आंशिक मंजूरी दी
इस बीच, हमास ने कहा है कि वह सभी इस्राइली बंधकों — चाहे जीवित हों या मृत — को रिहा करने के लिए तैयार है। संगठन ने यह भी कहा कि वह ट्रंप की 20-सूत्रीय शांति योजना पर मध्यस्थों के माध्यम से बातचीत शुरू करने को इच्छुक है।
हमास प्रवक्ता ताहेर अल-नुनू ने एएफपी से कहा —
“राष्ट्रपति ट्रंप का बयान उत्साहजनक है। हम तत्काल वार्ता शुरू करने और युद्ध समाप्त करने के लिए तैयार हैं।”
ट्रंप ने शुक्रवार को हमास को रविवार रात 10 बजे जीएमटी तक की समयसीमा दी थी कि वह शांति योजना स्वीकार करे, अन्यथा “अंजाम बेहद गंभीर होंगे।”
ट्रंप की गाज़ा योजना और विवाद
ट्रंप की योजना के तहत गाज़ा का प्रशासन अंतरराष्ट्रीय निगरानी में लाया जाएगा, जिसमें ट्रंप स्वयं और पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर इसकी देखरेख करेंगे।
हालांकि, योजना में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि गाज़ा और पश्चिमी तट (West Bank) का भविष्य में एकीकरण कैसे होगा।
एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, यह योजना फिलहाल स्थायी समाधान की बजाय अस्थायी शांति पर केंद्रित लगती है।
इस्राइल ने योजना के पहले चरण की तैयारी शुरू की
इस्राइल की सेना ने कहा कि उसे सरकार की ओर से “योजना के पहले चरण की तैयारी” के निर्देश मिले हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सेना अब रक्षात्मक स्थिति में है और गाज़ा में सक्रिय हमले नहीं कर रही, लेकिन बलों को अभी हटाया नहीं गया है।
हिज़बुल्ला की प्रतिक्रिया: “ट्रंप की योजना खतरों से भरी”
लेबनान स्थित संगठन हिज़बुल्ला ने ट्रंप की योजना को “खतरनाक” बताया है।
हिज़बुल्ला के उपनेता नईम क़ासिम ने कहा —
“यह योजना इस्राइल को वह हासिल करने में मदद करेगी, जो वह युद्ध के ज़रिए नहीं कर सका। यह फिलिस्तीनियों की आत्मनिर्णय की क्षमता को खत्म कर सकती है।”
विश्व नेताओं की प्रतिक्रियाएँ: शांति की उम्मीदें बढ़ीं
हमास के संकेत के बाद कई देशों ने ट्रंप की कोशिशों का स्वागत किया।
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क़तर ने कहा, “हम हमास की सहमति का स्वागत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि यह स्थायी शांति की ओर कदम होगा।”
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मिस्र ने इसे “सकारात्मक विकास” बताया और कहा कि सभी पक्षों को ट्रंप की योजना पर अमल के लिए जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
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तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन ने हमास के जवाब को “रचनात्मक” करार देते हुए इस्राइल से “गाज़ा में नरसंहार रोकने” की अपील की।
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संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी हमास की सहमति को “सकारात्मक संकेत” बताया।
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा —
“यह शांति की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा मौका है। हम राष्ट्रपति ट्रंप के प्रयासों का पूरा समर्थन करते हैं।”
गाज़ा युद्ध का दो साल पूरा, मौतों का आंकड़ा भयावह
गाज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अक्टूबर 2023 से अब तक युद्ध में 67,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं।
सिर्फ पिछले सप्ताह ही 700 नए नाम सूची में जोड़े गए हैं जिनकी पहचान की पुष्टि की गई है।
युद्ध की शुरुआत 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले से हुई थी, जिसमें 1,200 इस्राइली मारे गए और 251 लोगों का अपहरण किया गया था।
वर्तमान में 48 बंधक गाज़ा में अब भी हैं, जिनमें से 20 के जीवित होने का अनुमान है।
शांति का अवसर या नया राजनीतिक मोर्चा?
ट्रंप की मध्यस्थता से गाज़ा में शांति की नई उम्मीद जगी है, लेकिन इस्राइल की सैन्य कार्रवाइयों और हिज़बुल्ला के विरोध ने तस्वीर को जटिल बना दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह अवसर या तो युद्ध समाप्त कर सकता है, या मध्य पूर्व को एक नए भू-राजनीतिक मोड़ पर ला सकता है।
जैसा कि अमेरिकी विदेश नीति विश्लेषक डॉ. स्टीव मिलर ने कहा —
“यह सिर्फ़ गाज़ा की शांति योजना नहीं, बल्कि ट्रंप की वैश्विक कूटनीति की परीक्षा भी है।”

