New Year 2026: दुनिया में नए साल का आगाज सबसे पहले प्रशांत महासागर के छोटे-छोटे द्वीपीय देशों में होता है। इंटरनेशनल डेट लाइन के पूर्वी छोर पर स्थित देशों में 1 जनवरी सबसे पहले दस्तक देती है — और इस सूची में किरिबाती सबसे आगे है। जैसे ही आधी रात के 12 बजते हैं, यहां जश्न शुरू हो जाता है और दुनिया नए साल में कदम रखती है।
किरिबाती भारत से 8 घंटे 30 मिनट आगे है, इसलिए यहां नया साल काफी पहले आ जाता है। इसके करीब एक घंटे बाद न्यूजीलैंड भी 2026 में प्रवेश कर देता है, जो भारत से लगभग 7 घंटे 30 मिनट आगे है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिका में नया साल भारत से करीब 9 घंटे बाद मनाया जाता है।
भारत से पहले 29 देश मनाते हैं न्यू ईयर
टाइम-ज़ोन के अंतर के कारण दुनिया के 29 देश ऐसे हैं, जो भारत से पहले नए साल का स्वागत करते हैं। इनमें शामिल हैं:
किरिबाती, समोआ, टोंगा, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, पापुआ न्यू गिनी, सोलोमन आइलैंड्स, माइक्रोनेशिया, मार्शल आइलैंड्स, नाउरू, वानुअतु, फिजी, तुवालु, जापान, दक्षिण कोरिया, उत्तर कोरिया, इंडोनेशिया (पूर्वी क्षेत्र), तिमोर-लेस्ते, चीन, मंगोलिया, सिंगापुर, मलेशिया, ब्रुनेई, फिलीपींस, म्यांमार, थाईलैंड, कंबोडिया, लाओस और वियतनाम।
First country to Enter into 2026 is Kiribati as they still celebrate 🥳 🎉🎉🎇🎆
I TOLD THEM
Maresca
Man U
Merino
Academy
Verse of the day
DO NOT#FundsRecovery pic.twitter.com/HkN9K4uQST— Brass ENt ✴️🔸🔶 (@jakeOttario) December 31, 2025
टाइम-ज़ोन क्या होता है?
धरती को समय के आधार पर विभाजित करने की व्यवस्था को टाइम-ज़ोन कहा जाता है। पृथ्वी 24 घंटे में 360 डिग्री घूमती है — यानी हर घंटे 15 डिग्री। इसी सिद्धांत पर दुनिया को 24 टाइम-ज़ोन में बांटा गया।
रेल परिवहन बढ़ने के बाद अलग-अलग स्थानीय समय के कारण पैदा हुए भ्रम को दूर करने के लिए मानक टाइम-ज़ोन लागू किए गए। GMT (ग्रीनविच मीन टाइम) को वैश्विक समय का आधार माना गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय समय निर्धारण आसान हो गया।
दुनिया में कैसे घूमता है नया साल?
हर देश में नया साल रात 12 बजे शुरू होता है। जो देश जितना पूर्व में स्थित है, वहां नया साल उतना पहले पहुंचता है। यही कारण है कि नया साल किरिबाती से शुरू होकर अमेरिका तक पहुंचने में लगभग 26 घंटे लेता है।

