Afghan Refugees: ईरान-पाकिस्तान की सख्ती: हजारों अफगान शरणार्थी एक दिन में सीमा पार लौटाए गए

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Afghan Refugees: अफगान शरणार्थियों पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान और पाकिस्तान ने सख्त नीति अपनाते हुए एक ही दिन में 2,370 से ज्यादा अफगान नागरिकों को जबरन सीमा पार कराकर उनके देश वापस भेज दिया। तालिबान के उप-प्रवक्ता मुल्ला हमदुल्लाह फ़ितरत के अनुसार, शुक्रवार को 501 परिवारों के सदस्यों को अलग-अलग बॉर्डर पॉइंट्स से अफगानिस्तान में प्रवेश कराया गया।

रिपोर्टों के मुताबिक, लौटाए गए लोग हेरात के इस्लाम क़िला, निमरोज़ के पुल-ए-अबरिशम, कंधार के स्पिन बोलदक, हेलमंद के बह्रामचा और नंगरहार के तोरख़म मार्गों से अफगान सीमा में पहुंचे। अधिकारियों का कहना है कि इन परिवारों को उनके मूल क्षेत्रों में भेजा गया है। साथ ही 742 परिवारों को अतिरिक्त राहत सामग्री और सहायता उपलब्ध कराई गई, जबकि दूरसंचार कंपनियों ने 562 सिम कार्ड भी वितरित किए।

फ़ितरत ने यह भी बताया कि इससे पहले गुरुवार को लगभग 2,400 अफगान शरणार्थियों को भी इसी तरह ईरान और पाकिस्तान से वापस भेजा गया था। यह संकेत देता है कि दोनों देशों ने शरणार्थी नीति को लेकर अपने रुख को काफी कठोर बना लिया है।

पाकिस्तान में रह रहे कई अफगान नागरिकों का कहना है कि उन्हें लगातार पुलिस छापों, गिरफ्तारियों और पूछताछ का सामना करना पड़ रहा है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि सादे कपड़ों में मौजूद लोग उनसे पैसे वसूलते हैं। अफगान अखबारों में छपी रिपोर्टों के अनुसार, शरणार्थी भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं और बुनियादी अधिकारों से वंचित महसूस कर रहे हैं।

मानवाधिकार संगठनों की सीमित प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय सरकारों की कड़ी नीतियाँ इस संकट को और गहरा करती दिख रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तालिबान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच शरणार्थियों को लेकर स्थिति आने वाले दिनों में और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।