Noida में विवाद: सीएम के काफिले के बाद 2041 करोड़ रुपये बकाये का बोर्ड रहस्यमय तरीके से गायब

Noida News
Noida News

Noida: नोएडा में एक अजीबोगरीब घटना ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नोएडा दौरे के एक दिन बाद ही सेक्टर-75 में लगाए गए 2041.79 करोड़ रुपये के बकाये वाले बोर्ड को अज्ञात व्यक्ति ने लाल रंग से पुताई कर छुपा दिया। हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ तब हुआ जब बुधवार को ही बोर्ड लगाया गया था और गुरुवार को मुख्यमंत्री का काफिला इसी मार्ग से गुजरा था। लेकिन उनके जाते ही बोर्ड पर लाल रंग फेरकर जानकारी को ढक दिया गया और इसके बाद पूरा बोर्ड गायब हो गया।

153 एकड़ जमीन पर बनी टाउनशिप, पर सुविधाएँ अधूरी

नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-75 में एम्स मैक्स गार्डेनिया डेवलपर को 153 एकड़ भूमि आवंटित की थी, जिस पर एक बड़ी टाउनशिप विकसित की गई। डेवलपर ने एक दर्जन से अधिक सोसायटियों और एक व्यावसायिक क्षेत्र का निर्माण कर हजारों फ्लैट और दुकानों की बिक्री कर दी। हालांकि, अभी तक कई सोसायटियों में जरूरी सुविधाएँ अधूरी हैं और परियोजनाओं की रजिस्ट्रियाँ भी लंबित हैं।

अगस्त तक डेवलपर पर 2041.79 करोड़ रुपये का बकाया होने के चलते प्राधिकरण द्वारा ओसी (Occupancy Certificate) और सीसी (Completion Certificate) जारी नहीं किए गए। इस कारण खरीदारों की रजिस्ट्री रोकी हुई है, जिससे निवासी लंबे समय से परेशानी का सामना कर रहे हैं।

प्राधिकरण अनजान, बोर्ड पुताई कर छुपाया गया

आश्चर्यजनक रूप से, जिस बोर्ड पर बकाये की रकम दर्ज थी, उसकी पुताई किए जाने की जानकारी प्राधिकरण के वर्क सर्किल अधिकारियों तक भी नहीं पहुँची। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें भी इस घटना की खबर मीडिया और स्थानीय लोगों से मिली।

निवासी कई बार प्राधिकरण और बिल्डर दोनों को लंबित रजिस्ट्री एवं अधूरी सुविधाओं को लेकर ज्ञापन दे चुके हैं। कई बार विरोध प्रदर्शन भी किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।

अब CCTV फुटेज से होगी जिम्मेदारों की पहचान

नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने कहा है कि बोर्ड पर पुताई किसने की, इसकी जांच की जाएगी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाएगी और दोषी पाए जाने पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

प्राधिकरण की एसीईओ वंदना त्रिपाठी ने कहा—
“वर्क सर्किल से पूरी रिपोर्ट मांगी गई है। बोर्ड को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”