घरेलू क्रिकेट में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन के कुछ ही दिनों बाद, 14 वर्षीय बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने मैदान के बाहर भी एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। शुक्रवार, 26 दिसंबर को बिहार के इस युवा ओपनर को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जो बच्चों को दिया जाने वाला देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।
यह सम्मान राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा प्रदान किया गया। यह पुरस्कार वैभव को खेल के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान और प्रतिभा के लिए दिया गया।
प्रधानमंत्री से मुलाकात, विजय हजारे मैच से रहे दूर
इस खास समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बच्चों की विशेष बातचीत भी हुई। पुरस्कार समारोह के चलते वैभव बिहार की ओर से विजय हजारे ट्रॉफी 2025–26 के दूसरे राउंड का मैच नहीं खेल सके। उस दौरान उनकी टीम मणिपुर के खिलाफ मैदान पर उतरी, जबकि वैभव देश के खेल भविष्य का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
रिकॉर्डतोड़ पारी के तुरंत बाद मिला सम्मान
यह सम्मान वैभव के लिए बिल्कुल सही समय पर आया। महज 48 घंटे पहले, उन्होंने बिहार की ओर से अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ खेले गए मुकाबले में क्रिकेट जगत को चौंका दिया था।
बाएं हाथ के इस बल्लेबाज़ ने सिर्फ 36 गेंदों में शतक जड़ दिया, जो लिस्ट-A क्रिकेट का सबसे तेज़ शतक है। इसके बाद उन्होंने 190 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली, जिसमें कई पुराने रिकॉर्ड टूट गए। उनकी इस पारी ने न सिर्फ मैच जिताया, बल्कि पूरे देश का ध्यान उनकी प्रतिभा की ओर खींच लिया।
उपलब्धियों से भरा रहा साल
वैभव सूर्यवंशी के लिए यह साल किसी सपने से कम नहीं रहा। इस दौरान:
-
उन्हें ऐतिहासिक IPL ऑक्शन डील मिली
-
आयु-वर्ग क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया
-
घरेलू क्रिकेट में कई रिकॉर्ड अपने नाम किए
राष्ट्रपति भवन में मिला सम्मान उनकी प्रतिभा और मेहनत की आधिकारिक पहचान बन गया है।
अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर नजरें
दिल्ली में सम्मान समारोह के बाद वैभव एक बार फिर क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करेंगे। वह भारत अंडर-19 टीम के साथ जुड़ने वाले हैं, जो 30 दिसंबर को दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए रवाना होगी।
घरेलू रिकॉर्ड तोड़ने और देश के सर्वोच्च बाल सम्मान से नवाजे जाने के बाद अब दुनिया की नजरें भारत के इस नए क्रिकेट सितारे पर टिकी हैं।

