WHO ने बताया COVID और Hantavirus में कितना फर्क

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दुनियाभर में एक बार फिर वायरस संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। हाल ही में हंतावायरस के कुछ मामलों और मौतों की खबर सामने आने के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा कि क्या दुनिया फिर से 2020 जैसे हालात की ओर बढ़ रही है। हालांकि World Health Organization यानी WHO ने साफ कर दिया है कि हंतावायरस को COVID-19 जैसी वैश्विक महामारी से जोड़कर देखने की जरूरत नहीं है।

WHO के महानिदेशक Tedros Adhanom Ghebreyesus ने शनिवार को जारी अपने बयान में लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि 2020 के कोरोना महामारी के दर्द को दुनिया अभी तक भूली नहीं है, इसलिए लोगों का डर स्वाभाविक है। लेकिन वर्तमान हालात COVID जैसे नहीं हैं और हंतावायरस से जन स्वास्थ्य को फिलहाल कम जोखिम माना जा रहा है।

WHO प्रमुख ने स्पष्ट कहा कि “यह कोई दूसरा COVID नहीं है।” उन्होंने बताया कि फिलहाल जिस वायरस की चर्चा हो रही है, वह हंतावायरस का Andes स्ट्रेन है, जो MV Hondius नामक जहाज पर पाए गए मामलों से जुड़ा हुआ है।

रिपोर्ट के मुताबिक अब तक इस जहाज से जुड़े कुल आठ मामले सामने आए हैं, जिनमें तीन लोगों की मौत हो चुकी है। WHO ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। हालांकि संगठन का कहना है कि इस समय जहाज पर कोई भी ऐसा यात्री मौजूद नहीं है जिसमें सक्रिय लक्षण दिखाई दे रहे हों।

WHO ने बताया कि उसके विशेषज्ञों की एक टीम लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। जहाज पर मेडिकल सप्लाई और जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं ताकि संक्रमण को नियंत्रित रखा जा सके।

यह जहाज कई हफ्तों से समुद्र में था और इसमें करीब 23 देशों के लगभग 150 यात्री मौजूद थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, कई यात्री लंबे समय से मानसिक तनाव और डर की स्थिति में हैं क्योंकि वे अपने घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं।

इस बीच Spain के अधिकारियों ने यात्रियों को सुरक्षित तरीके से वापस भेजने के लिए विशेष योजना तैयार की है। यात्रियों को रिहायशी इलाकों से दूर औद्योगिक बंदरगाह क्षेत्र के जरिए सीलबंद और सुरक्षित वाहनों में ले जाया जाएगा, ताकि संक्रमण फैलने की आशंका को कम किया जा सके।

WHO के अनुसार Tenerife को इसलिए चुना गया क्योंकि वहां पर्याप्त मेडिकल सुविधाएं, स्वास्थ्य ढांचा और आपातकालीन प्रबंधन क्षमता उपलब्ध है। संगठन ने स्थानीय प्रशासन, जहाज के कप्तान और पूरी क्रू टीम के सहयोग की भी सराहना की।

विशेषज्ञों के मुताबिक हंतावायरस और COVID-19 में बड़ा अंतर है। COVID-19 मुख्य रूप से इंसान से इंसान में तेजी से फैलने वाला वायरस था, जिसने कुछ ही महीनों में पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया था। वहीं हंतावायरस आमतौर पर संक्रमित चूहों या कृन्तकों के संपर्क से फैलता है। यह वायरस हवा में मौजूद संक्रमित कणों, मल या मूत्र के जरिए इंसानों तक पहुंच सकता है।

हालांकि हंतावायरस गंभीर बीमारी पैदा कर सकता है, लेकिन इसकी संक्रमण क्षमता COVID जितनी तेज नहीं मानी जाती। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी तक इसके बड़े पैमाने पर इंसान से इंसान में फैलने के सीमित प्रमाण ही मिले हैं।

WHO ने दोबारा जोर देकर कहा है कि वैश्विक स्तर पर महामारी जैसी स्थिति नहीं है और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। संगठन लगातार महामारी विज्ञान संबंधी आंकड़ों की निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर आगे की सलाह जारी करेगा।

फिलहाल स्वास्थ्य एजेंसियां लोगों से साफ-सफाई का ध्यान रखने, संक्रमित जानवरों से दूरी बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील कर रही हैं। दुनिया अभी COVID-19 की यादों से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाई है, इसलिए किसी भी नए वायरस की खबर लोगों में डर पैदा कर रही है। लेकिन WHO का कहना है कि वर्तमान स्थिति नियंत्रण में है और इसे महामारी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।