शिल्पा शेट्टी की अपील: बच्चों को डिजिटल जागरूक बनाएं, डिजिटल आदी नहीं

Shilpa Shetty
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गाज़ियाबाद में तीन बहनों की दुखद मौत के बाद अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने माता-पिता से बच्चों की डिजिटल परवरिश को लेकर गंभीरता से सोचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आज के समय में बच्चों को तकनीक से दूर रखना समाधान नहीं है, बल्कि उन्हें डिजिटल रूप से जागरूक बनाना ज़रूरी है, ताकि वे इंटरनेट का सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग कर सकें।

शिल्पा ने ‘सेफर इंटरनेट डे’ के मौके पर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में उन्होंने एक सेलिब्रिटी के रूप में नहीं, बल्कि दो बच्चों की मां के तौर पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इंटरनेट एक “शक्तिशाली शिक्षक” और “रचनात्मकता का मंच” हो सकता है, लेकिन इसके साथ जोखिम भी जुड़े हैं, खासकर जब बच्चों को बिना निगरानी के डिजिटल दुनिया में छोड़ दिया जाता है।

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वीडियो में शिल्पा ने कहा, “आज सेफर इंटरनेट डे है और मैं दिल से कुछ कहना चाहती हूं। इंटरनेट बच्चों को सिखा सकता है, उन्हें प्रेरित कर सकता है, लेकिन यह उन्हें ऐसी चीज़ों के संपर्क में भी ला सकता है जिनके लिए वे अभी तैयार नहीं हैं।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि माता-पिता की भूमिका सिर्फ तकनीक पर पाबंदी लगाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इसके बजाय संतुलन बनाना और बच्चों के साथ संवाद कायम रखना अधिक महत्वपूर्ण है।
“हमारा काम तकनीक को पूरी तरह बैन करना नहीं है, बल्कि इसकी पहुंच और उपयोग में संतुलन बनाना है,” उन्होंने कहा।

शिल्पा ने माता-पिता को सलाह दी कि वे जानें कि उनके बच्चे क्या देख रहे हैं, क्या स्क्रॉल कर रहे हैं और ऑनलाइन किस तरह की सामग्री का उपभोग कर रहे हैं। उन्होंने खुली बातचीत को सबसे अहम बताया और कहा, “जिज्ञासा खामोशी में बढ़ती है, बातचीत में नहीं।”

उन्होंने पैरेंटल कंट्रोल का इस्तेमाल करने की भी सलाह दी, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि भरोसा बनाना उससे कहीं ज्यादा जरूरी है।
“16 साल तक निगरानी कंट्रोल नहीं, बल्कि देखभाल है,” शिल्पा ने कहा। उन्होंने यह भी सिखाने पर जोर दिया कि इंटरनेट पर दिखाई देने वाली हर चीज़ सच, दयालु या सुरक्षित नहीं होती।

अपने संदेश के अंत में शिल्पा ने सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि माता-पिता को अकेले संघर्ष करने के बजाय मिलकर इस बदलाव की दिशा में काम करना चाहिए।
“आइए, हम डिजिटल रूप से जागरूक बच्चों का पालन-पोषण करें, न कि डिजिटल रूप से आदी बच्चों का। आज की सही मार्गदर्शन कल का आत्मविश्वास बनाता है,” उन्होंने कहा।

उनका यह संदेश ऐसे समय में आया है जब देश गाज़ियाबाद में हुई एक दर्दनाक घटना से स्तब्ध है। इस महीने की शुरुआत में 12, 14 और 16 वर्ष की तीन बहनों की नौवीं मंजिल से कूदने से मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि वे ऑनलाइन कंटेंट और गेमिंग में काफी समय बिता रही थीं। हालांकि मामले की जांच अभी जारी है, लेकिन इस घटना ने बच्चों की मानसिक सेहत, स्क्रीन टाइम और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शिल्पा शेट्टी की अपील ने इस राष्ट्रीय बहस को और मजबूत किया है कि डिजिटल युग में बच्चों की परवरिश किस तरह की जानी चाहिए। इंटरनेट आज की वास्तविकता है, लेकिन जागरूकता, संवाद और संतुलन के साथ ही इसे सुरक्षित बनाया जा सकता है।