SBI ग्राहकों के लिए बड़ा अलर्ट: ATM और IMPS ट्रांजैक्शन महंगे, जानिए डिटेल

SBI ATM
SBI ATM

देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों के लिए लेनदेन से जुड़े नियमों में एक और अहम बदलाव किया है। हाल के महीनों में ATM ट्रांजैक्शन चार्ज बढ़ाने के बाद अब बैंक ने IMPS (Immediate Payment Service) के जरिए पैसे ट्रांसफर करने पर भी नई फीस लागू करने का फैसला लिया है। इन नए नियमों का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा, जो नियमित रूप से डिजिटल बैंकिंग, मोबाइल ऐप्स और दूसरे बैंकों के ATM का इस्तेमाल करते हैं।

IMPS ट्रांसफर पर क्या होंगे नए चार्ज?

SBI की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, नए IMPS चार्ज 15 फरवरी 2026 से प्रभावी होंगे। बैंक ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और YONO ऐप के माध्यम से ₹25,000 तक के IMPS ट्रांसफर पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यानी छोटी रकम भेजने वाले ग्राहकों को राहत बनी रहेगी।

हालांकि, जैसे ही ट्रांसफर की राशि ₹25,000 से ऊपर जाती है, ग्राहकों को अब अतिरिक्त शुल्क देना होगा। नई दरें इस प्रकार होंगी—

  • ₹25,000 से ₹1 लाख तक: ₹2 + GST

  • ₹1 लाख से ₹2 लाख तक: ₹6 + GST

  • ₹2 लाख से ₹5 लाख तक: ₹10 + GST

इसका मतलब यह है कि बड़ी रकम भेजने वाले ग्राहकों की जेब पर अब पहले से ज्यादा असर पड़ेगा, भले ही ट्रांजैक्शन डिजिटल माध्यम से ही क्यों न किया जाए।

ब्रांच से IMPS करने वालों को राहत

SBI ने यह भी साफ किया है कि जो ग्राहक बैंक की शाखा में जाकर IMPS ट्रांसफर करते हैं, उनके लिए चार्ज स्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ब्रांच से IMPS पर पहले की तरह ₹2 से ₹20 + GST तक का शुल्क ही लागू रहेगा। इससे उन ग्राहकों को राहत मिलेगी, जो ऑनलाइन बैंकिंग के बजाय शाखा में जाकर लेनदेन करना पसंद करते हैं।

किन खातों को IMPS चार्ज से छूट?

बैंक ने कुछ विशेष श्रेणी के खातों को नए IMPS चार्ज से पूरी तरह मुक्त रखा है। इनमें शामिल हैं—
DSP, PMSP, ICSP, CGSP, PSP, RSP अकाउंट, Shaurya Family Pension Account और SBI Rishtey Family Savings Account। इन खातों के ग्राहकों को डिजिटल IMPS ट्रांसफर पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।

IMPS से जुड़ी जरूरी जानकारियां

  • IMPS की रोजाना अधिकतम ट्रांसफर लिमिट ₹5 लाख है

  • यह एक रियल-टाइम ट्रांसफर सिस्टम है, यानी पैसा तुरंत पहुंचता है

  • ट्रांजैक्शन पूरा होने के बाद इसे रद्द या वापस नहीं लिया जा सकता

  • बैंक सलाह देता है कि पैसे भेजने से पहले लाभार्थी की जानकारी सावधानी से जांच लें

ATM चार्ज में पहले ही हो चुका है बदलाव

IMPS से पहले SBI ने 1 दिसंबर 2025 से ATM और ADWM (Automated Deposit cum Withdrawal Machine) चार्ज में भी बदलाव किया था। यह 2025 में ATM शुल्क से जुड़ा दूसरा बड़ा अपडेट माना गया।

किन ग्राहकों को ज्यादा चार्ज देना पड़ सकता है—

  • सेविंग अकाउंट: दूसरे बैंकों के ATM पर फ्री लिमिट खत्म होने के बाद

    • कैश विड्रॉल: ₹23 + GST

    • नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन: ₹11 + GST

  • सैलरी अकाउंट: पहले अनलिमिटेड फ्री ट्रांजैक्शन, अब महीने में केवल 10 फ्री

  • करंट अकाउंट: हर ट्रांजैक्शन पर बढ़ा हुआ शुल्क

किन्हें मिलेगी राहत?

  • KCC अकाउंट: दूसरे बैंकों के ATM पर अनलिमिटेड फ्री ट्रांजैक्शन

  • BSBD अकाउंट: कोई बदलाव नहीं

  • कार्डलेस कैश विड्रॉल: SBI और अन्य बैंकों के ATM पर फ्री

चार्ज से कैसे बचें?

SBI ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे बैंक के 63,000 से अधिक ATM और ADWM का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें। इससे अतिरिक्त चार्ज से बचा जा सकता है। साथ ही, बड़ी रकम ट्रांसफर करने से पहले यह तय करना जरूरी होगा कि IMPS के बजाय कोई अन्य विकल्प ज्यादा किफायती है या नहीं।

कुल मिलाकर, नए नियम यह संकेत देते हैं कि अब डिजिटल ट्रांजैक्शन और ATM इस्तेमाल करते समय ग्राहकों को पहले से ज्यादा सतर्क और योजनाबद्ध तरीके से फैसले लेने होंगे। छोटी रकम पर IMPS भले ही मुफ्त रहे, लेकिन बड़ी ट्रांजैक्शन और दूसरे बैंकों के ATM का उपयोग अब जेब पर भारी पड़ सकता है।