Sambhal news: संभल में अवैध इमामबाड़ा और ईदगाह पर बुलडोजर कार्रवाई

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Sambhal news: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन पर बने कथित इमामबाड़े और ईदगाह को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई गुरुवार को बिछौली गांव में की गई, जहां राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अदालत के आदेशों का पालन करते हुए अतिक्रमण हटाया।

उपजिलाधिकारी निधि पटेल के अनुसार, यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई। उन्होंने बताया कि संबंधित जमीन, जो गाटा संख्या 1240 और 1242 के अंतर्गत आती है, पर अवैध रूप से धार्मिक ढांचे खड़े किए गए थे। इस मामले की शिकायत मिलने के बाद तहसीलदार की अदालत में सुनवाई हुई, जिसके बाद बेदखली के आदेश जारी किए गए।

कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह पूरी कार्रवाई अदालत के निर्देशों के तहत की गई। राजस्व विभाग ने पहले मामले की जांच की और यह पाया कि संबंधित भूमि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए गए।

जब निर्धारित समय के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो तहसीलदार अदालत ने बेदखली का आदेश दिया। इसी आदेश के अनुपालन में प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माण को गिरा दिया।

भारी पुलिस बल की तैनाती

कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन को आशंका थी कि धार्मिक ढांचों को हटाने के दौरान तनाव की स्थिति बन सकती है, इसलिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए।

हालांकि, अधिकारियों के अनुसार पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और कहीं से भी किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। प्रशासन ने पहले से ही इलाके को घेर लिया था और भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए पर्याप्त बल मौजूद था।

संभल में बढ़ी प्रवर्तन कार्रवाई

संभल जिला पिछले कुछ महीनों से अतिक्रमण और धार्मिक स्थलों से जुड़े विवादों को लेकर चर्चा में रहा है। प्रशासन ने ऐसे मामलों में सख्ती दिखाते हुए अवैध कब्जों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया है।

विशेष रूप से कोट गरवी क्षेत्र में स्थित शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान नवंबर 2024 में हुई हिंसा के बाद से प्रशासन और अधिक सतर्क हो गया है। अदालत के निर्देश पर किए गए उस सर्वे के दौरान हालात बिगड़ गए थे, जिसके बाद जिले में सुरक्षा और प्रवर्तन दोनों को मजबूत किया गया।

सरकार की सख्ती और संदेश

इस कार्रवाई को प्रशासन की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह किसी भी रूप में क्यों न हो।

प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में भी ऐसे अतिक्रमणों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। इसका उद्देश्य न केवल सरकारी जमीन को सुरक्षित रखना है, बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी है।

संभल में की गई यह कार्रवाई दिखाती है कि प्रशासन अब अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त रुख अपना रहा है। अदालत के आदेशों के तहत की गई इस कार्रवाई को एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।

हालांकि, ऐसे मामलों में संवेदनशीलता बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है, ताकि सामाजिक सौहार्द और शांति बनी रहे। आने वाले समय में प्रशासन की इस तरह की कार्रवाइयों पर सभी की नजर रहेगी।