कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर कड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उनकी “नफरत भरी सोच” देश के संविधान को कमजोर कर रही है। पश्चिम बंगाल के रायगंज और मालदा में आयोजित चुनावी सभाओं को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा कि BJP और RSS लगातार लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
अपने भाषण में गांधी ने दावा किया कि देश में विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें धर्म और जाति के आधार पर लोगों को बांटने की रणनीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यह सोच न केवल समाज को तोड़ती है बल्कि संविधान की आत्मा को भी चोट पहुंचाती है। कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए हर संभव तरीका अपनाती है, जिसमें मतदाता सूची में हेरफेर तक शामिल है।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने इसे “असंवैधानिक” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के जरिए कई लोगों के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं। गांधी ने आश्वासन दिया कि यदि कांग्रेस सत्ता में आती है तो ऐसे सभी लोगों के नाम फिर से बहाल किए जाएंगे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा।
इसके साथ ही राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ Trinamool Congress और मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार देने के अपने वादों को पूरा करने में विफल रही है। गांधी ने कहा कि ममता बनर्जी ने पांच लाख नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन हकीकत यह है कि करीब 84 लाख युवाओं ने बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन किया है।
गांधी ने तृणमूल कांग्रेस पर राज्य में उद्योगों के बंद होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योगों को व्यवस्थित रूप से खत्म किया गया है और “सिंडिकेट राज” के जरिए शासन चलाया जा रहा है। उनके अनुसार, इससे न केवल आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी कम हो गए हैं।
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर भी हमला करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल को उसका बकाया फंड नहीं दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नीत सरकार ने राज्य को मनरेगा जैसी योजनाओं के तहत मिलने वाले धन से वंचित रखा है, जिससे गरीब और मजदूर वर्ग प्रभावित हुआ है।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर राहुल गांधी ने तृणमूल कांग्रेस को भी नहीं बख्शा। उन्होंने शारदा और रोज वैली जैसे चर्चित पोंजी घोटालों का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों में तृणमूल से जुड़े लोगों को फायदा हुआ है। गांधी ने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या बन चुका है और इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
अपने भाषण में गांधी ने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर भी निशाना साधा। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे देश के छोटे और मध्यम उद्योगों को नुकसान होगा और रोजगार के अवसर कम हो जाएंगे। गांधी ने दावा किया कि इस तरह के समझौते भारत के हितों के खिलाफ हैं और इससे देश की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण कृषि क्षेत्र पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। गांधी के अनुसार, यदि विदेशी कंपनियों को भारत के कृषि बाजार में खुली छूट मिलती है, तो इससे देश के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो पूरे देश में भाजपा का मुकाबला कर सकती है। उन्होंने दावा किया कि अन्य क्षेत्रीय दल भाजपा के खिलाफ मजबूत चुनौती पेश करने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे कांग्रेस का समर्थन करें ताकि देश में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की जा सके।

