Private Jet Booking: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के चार्टर्ड विमान से जुड़ी घटना के बाद एक बार फिर प्राइवेट जेट यात्रा चर्चा में आ गई है। आम यात्रियों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि भारत में प्राइवेट जेट बुक करने की प्रक्रिया क्या होती है और दिल्ली से मुंबई जैसे प्रमुख रूट पर इसका किराया कितना आता है।
भारत में प्राइवेट जेट कैसे बुक किए जाते हैं?
भारत में अब प्राइवेट जेट चार्टर करना पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आसान हो गया है। इसके लिए यात्रियों के पास कई विकल्प मौजूद हैं।
सबसे आम तरीका DGCA से अप्रूव्ड चार्टर कंपनियों के जरिए बुकिंग करना है। इनमें Club One Air, JetSetGo, Taj Air (Tata Group) और Air Charter India जैसी कंपनियां शामिल हैं।
इसके अलावा, कई लोग एविएशन ब्रोकर के माध्यम से भी प्राइवेट जेट बुक करते हैं, जो जरूरत और बजट के हिसाब से एयरक्राफ्ट की व्यवस्था करते हैं। बड़े उद्योगपति और VIP अक्सर मेंबरशिप मॉडल का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें तय अवधि के लिए जेट सर्विस उपलब्ध कराई जाती है।
आजकल अधिकतर चार्टर कंपनियां अपनी ऑफिशियल वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए डायरेक्ट बुकिंग की सुविधा भी देती हैं। बुकिंग के समय यात्रियों की संख्या, उड़ान की दूरी, जेट की कैटेगरी और फ्लाइट टाइम के आधार पर किराया तय किया जाता है।
प्राइवेट जेट की प्रमुख कैटेगरी
प्राइवेट जेट अलग-अलग जरूरत और बजट के अनुसार कई श्रेणियों में उपलब्ध होते हैं।
टर्बोप्रॉप एयरक्राफ्ट छोटे रनवे और कम दूरी की उड़ानों के लिए इस्तेमाल होते हैं और यह सबसे किफायती विकल्प माने जाते हैं।
लाइट जेट आमतौर पर 5 से 7 यात्रियों के लिए होते हैं और बिजनेस ट्रैवल में काफी लोकप्रिय हैं।
मिडसाइज जेट लंबी दूरी और ज्यादा आराम के लिए बेहतर माने जाते हैं।
सुपर मिडसाइज जेट हाई स्पीड, ज्यादा रेंज और लग्जरी केबिन के साथ आते हैं।
लार्ज जेट और एयरलाइनर VIP, डेलीगेशन और बड़े ग्रुप की यात्रा के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
अजित पवार जिस Learjet 45 में यात्रा कर रहे थे, वह सुपर लाइट जेट कैटेगरी में शामिल होता है।
दिल्ली से मुंबई प्राइवेट जेट का किराया
दिल्ली–मुंबई जैसे व्यस्त रूट पर प्राइवेट जेट का अनुमानित चार्टर किराया जेट की कैटेगरी के अनुसार अलग-अलग होता है।
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टर्बोप्रॉप एयरक्राफ्ट: ₹14–15 लाख
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लाइट जेट (7 सीटर): ₹18 लाख से अधिक
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मिडसाइज जेट (9 सीटर): ₹25 लाख से अधिक
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सुपर मिडसाइज जेट: ₹45–50 लाख तक
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लार्ज जेट (12–13 सीटर): ₹32–35 लाख
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एयरलाइनर (30+ सीट): ₹40 लाख से अधिक
हालांकि, यह किराया मौसम, ईंधन की कीमत, टैक्स और एयरपोर्ट चार्ज के आधार पर घट-बढ़ सकता है।
VIP नेता प्राइवेट जेट क्यों चुनते हैं?
नेता और बड़े कारोबारी प्राइवेट जेट को प्राथमिकता देते हैं क्योंकि इससे समय की बचत होती है, यात्रा शेड्यूल में लचीलापन मिलता है और पूरी प्राइवेसी बनी रहती है। इसके अलावा, छोटे एयरपोर्ट पर सीधे लैंडिंग की सुविधा भी एक बड़ा कारण है।
गौरतलब है कि भारत में सभी प्राइवेट जेट DGCA के नियमों के तहत संचालित होते हैं और इनका नियमित सेफ्टी ऑडिट किया जाना अनिवार्य है।

