LPG Cylinder Crisis: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच देश में एलपीजी (LPG) की आपूर्ति को लेकर उठ रही चिंताओं पर केंद्र सरकार ने स्पष्ट बयान जारी कर स्थिति को साफ कर दिया है। सरकार ने उन अफवाहों को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया जा रहा था कि घरेलू उपयोग के लिए मिलने वाले 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर का वजन घटाकर 10 किलोग्राम किया जा सकता है।
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने इन खबरों को निराधार बताते हुए कहा कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 14.2 किलो वाला घरेलू गैस सिलेंडर पहले की तरह ही मिलता रहेगा और इसके वजन में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा।
हाल के दिनों में कुछ राज्यों में गैस और पेट्रोल की उपलब्धता को लेकर लोगों में घबराहट देखी गई। खासतौर पर गुजरात में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों की खबरें सामने आईं। इस पर सरकार ने कहा कि यह स्थिति किसी वास्तविक कमी की वजह से नहीं, बल्कि अफवाहों और डर के कारण बनी है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि देश में एलपीजी और अन्य ईंधनों की पर्याप्त आपूर्ति मौजूद है और कहीं भी कोई कमी नहीं है।
सरकार का फोकस सिलेंडर के वजन को घटाने के बजाय इसकी उपलब्धता को बेहतर बनाने पर है। इसी दिशा में छोटे उपभोक्ताओं, खासकर प्रवासी मजदूरों, छात्रों और कम आय वाले परिवारों के लिए 5 किलो के छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। ये छोटे सिलेंडर उन लोगों के लिए काफी उपयोगी हैं, जिन्हें बड़े सिलेंडर की आवश्यकता नहीं होती या जो इसे वहन नहीं कर सकते।
कमर्शियल एलपीजी को लेकर भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब कुल कमर्शियल गैस सप्लाई का 50 प्रतिशत हिस्सा सीधे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर मांग को जल्दी पूरा करने में मदद मिलेगी और सप्लाई सिस्टम अधिक प्रभावी बनेगा।
इस नई व्यवस्था के तहत 10 प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। इनमें रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स, डेयरी, सरकारी सब्सिडी वाली कैंटीन, सामुदायिक रसोई, मजदूरों के मेस, स्ट्रीट फूड विक्रेता और छोटे खाद्य उद्योग शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इन क्षेत्रों में गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने से खाद्य सेवाओं और छोटे व्यवसायों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
इसके अलावा, एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को भी तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। पिछले तीन हफ्तों में करीब 3.5 लाख नए PNG कनेक्शन दिए गए हैं। सरकार इस दिशा में और प्रोत्साहन देने पर भी विचार कर रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस विकल्प को अपनाएं।
अधिकारियों के अनुसार, हाल के समय में करीब 15,500 टन एलपीजी की आपूर्ति बाजार में की जा चुकी है, जिससे हालात अब सामान्य होते नजर आ रहे हैं। सरकार का कहना है कि मजबूत सप्लाई चेन और बेहतर प्रबंधन के चलते देश में ईंधन की उपलब्धता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
वहीं, इजरायल-ईरान संघर्ष के बीच विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी जानकारी दी है। मंत्रालय के अनुसार, अधिकांश भारतीय सुरक्षित हैं, हालांकि अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, एक व्यक्ति लापता है और एक अन्य घायल का इलाज जारी है।
28 फरवरी से अब तक करीब 3.75 लाख भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। खाड़ी देशों से लगातार विशेष उड़ानें संचालित की जा रही हैं, जिनमें यूएई से बड़ी संख्या में फ्लाइट्स और कतर एयरवेज की सेवाएं शामिल हैं। ईरान में फंसे 1000 से अधिक भारतीयों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते निकाला गया है, जबकि इजरायल से लोगों को जॉर्डन के जरिए वापस लाया जा रहा है।
कुल मिलाकर, सरकार ने साफ कर दिया है कि एलपीजी सिलेंडर के वजन को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है। साथ ही, ईंधन की सप्लाई को सुचारू बनाए रखने और आम लोगों को राहत देने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

