किन्नर अखाड़ा का दावा: देश में ‘किन्नर जिहाद’ नेटवर्क सक्रिय

Kinnar Jihad
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Jaipur Kinnar Jihad:  में शुक्रवार को किन्नर अखाड़ा द्वारा एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें देशभर में किन्नर समाज के भीतर चल रही कथित अवैध गतिविधियों और धार्मिक कट्टरता को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए। मानसरोवर स्थित सुमेर पैराडाइज़ में आयोजित इस कार्यक्रम में किन्नर अखाड़ा के संस्थापक ऋषि अजय दास महाराज ने दावा किया कि देश में “किन्नर जिहाद” के नाम से एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह नेटवर्क सनातनी किन्नरों के धर्मांतरण, आर्थिक शोषण और अवैध वसूली जैसे कामों में लिप्त है। इस प्रेस वार्ता में बजरंग सेना, हिन्दू वाहिनी सेना, विश्व हिंदू परिषद और मीणा महासंघ सहित कई हिंदू संगठनों ने भी किन्नर अखाड़ा के दावों का समर्थन किया।

ऋषि अजय दास महाराज ने कहा कि देश के लगभग 80 प्रतिशत सनातनी किन्नरों को डर, दबाव और सामाजिक प्रतिबंधों के जरिए मुस्लिम रीति-रिवाज अपनाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उनके अनुसार, जो किन्नर इसका विरोध करते हैं, उनके साथ मारपीट की जाती है और उन पर आर्थिक दंड भी लगाया जाता है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जन्म से हिंदू होने के बावजूद कई किन्नरों का अंतिम संस्कार इस्लामिक परंपराओं के अनुसार किया जा रहा है। इसके अलावा कथित गिरोहों द्वारा त्योहारों, शादियों और अन्य आयोजनों के दौरान जबरन वसूली और धमकी देने जैसी घटनाएं भी सामने आती हैं।

महाराज का कहना था कि सनातनी समाज से एकत्रित धन का दुरुपयोग शराब, मांसाहार, अय्याशी और संदिग्ध गतिविधियों में किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तथाकथित किन्नर सम्मेलनों में 10 से 15 दिनों तक नाच-गाना, कव्वाली, जुआ और शराब पर 10 से 20 करोड़ रुपये तक खर्च किए जाते हैं, जबकि इन गतिविधियों पर न तो कोई सरकारी निगरानी है और न ही टैक्स का कोई प्रावधान।

एक अन्य गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कई किन्नर गिरोहों में बांग्लादेशी नागरिकों का प्रवेश हो चुका है, जो भविष्य में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। उनके अनुसार, इन संगठनों की गतिविधियों की जांच होना बेहद जरूरी है।

ऋषि अजय दास महाराज ने यह भी कहा कि देश में हजारों सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं अपने दान का पूरा हिसाब सरकार को देती हैं, लेकिन किन्नर गिरोहों को किसी तरह की जवाबदेही से छूट मिली हुई है, जो समानता के अधिकार का उल्लंघन है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली किन्नर नेता इस कथित नेटवर्क के साथ मिलकर सनातनी किन्नरों की “घर वापसी” की प्रक्रिया को रोकने का प्रयास कर रहे हैं।

समाज और सरकार से अपील करते हुए महाराज ने कहा कि अवैध गतिविधियों में शामिल कट्टरपंथी किन्नरों का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए और सनातनी किन्नरों को उनके अधिकार व सम्मान वापस मिलने चाहिए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में किन्नर वेशधारी असामाजिक तत्वों की घुसपैठ से राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बजरंग सेना के संस्थापक पंडित अशोक शर्मा, राष्ट्रीय महासचिव विजय शर्मा, राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष राजेश शर्मा, हेमांगी जगद्गुरु, काजल किन्नर, साध्वी सौम्या सखी, तनीषा सनातनी, मीनू किन्नर, निशा किन्नर, सचिन सोनकर (वकील), अलकेश शर्मा, भागीरथ, सुमित खंडेलवाल सहित कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।