Rahu Ketu Movie Review : हॉलीवुड में कई ऐसे फ़िल्में आपने देखी होंगी जिनमे एक जादुई किताब है, जिसे पढ़ने पर उसमे लिखा सच हो जाता है। हॉलीवुड इसे हॉरर और कॉमेडी दोनों श्रेणी में आजमा चूका है, मगर इस बार बॉलीवुड ने इस फॉर्मूले को अपनाया है, कॉमेडी के तड़के के साथ। फिल्म की कहानी राहु और केतु नाम के दो युवाओ के इर्द गिर्द घूमती है।
फिल्म की कहानी शुरू होती है पियूष मिश्रा के शानदार नरेशन के साथ, जिससे पता चलता है कि हिमाचल के निवासी चूरु लाल शर्मा के पास एक जादुई कहानियों की किताब है, जो चूरू को अपने फूफा से मिली है । किताब की खासियत यह है कि उसमें जो कुछ भी लिखा जाता है, वह सच हो जाता है। ऐसे में हिमाचल से भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए चूरू दो पात्र राहु और केतु को लिखता है। दोनों को पूरा शहर मनहूस मानता है। कहानी में नया मोड़ तब आता है जब इन दोनों की लाइफ में मीनू टैक्सी की एंट्री होती है, जिसके पास जल्दी पैसे कमाने की एक चालाक योजना है। क्या राहु केतु शहर से भ्रष्टाचार खत्म कर पाते है ? आखिर मीनू की योजना क्या है ? ये सब जानने के लिए आपको इस फिल्म को देखना पड़ेगा।
फिल्म का निर्देशन विपुल विग ने किया है और उनके निर्देशन में अभी अनुभव की कमी साफ नज़र आती है, फिल्म में कई दृश्य ऐसे है जो मज्जेदार हो सकते थे, मगर वो सिर्फ एक दृश्य बनकर रह जाते है। फिल्म के कई दृश्य आपको फुकरे की याद भी दिला सकते है। फिल्म में मुख्य भूमिका में वरुण शर्मा, पुलकित सम्राट और शालिनी पांडेय है, जबकि सहायक भूमिका में चंकी पांडेय, पियूष मिश्रा, मनु ऋषि चड्ढा, सुमित गुलाटी और अमित सियाल के नाम शामिल है।
वरुण शर्मा अभी तक चूचे के किरदार से बाहर नहीं निकल पा रहे है, हालाँकि कॉमेडी करते हुए वो इस फिल्म में अच्छे लगते है। पुलकित सम्राट कई दृश्यों में दिल जीत लेते है। चंकी पांडेय बेअसर नज़र आते है। बैकग्राउंड स्कोर और विजुअल इफेक्ट अच्छे हो सकते थे। फिल्म का क्लाइमेक्स अच्छा है, वहीँ अंत में सीक्वल आने के भी हल्का सा हिंट दिया जाता है।

