ईरान युद्ध के बीच LPG को लेकर घबराहट, क्या सच में कमी है?

LPG Gas News
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LPG Gas News: ईरान में चल रहे युद्ध और वैश्विक आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारत के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर को लेकर घबराहट का माहौल बन गया है। कई शहरों और कस्बों में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कुछ जगहों पर तो लोगों ने पहले से ही सिलेंडर जमा करना शुरू कर दिया है, जिससे यह अफवाह फैल गई कि देश में गैस की भारी कमी हो सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और गोवा के कुछ इलाकों में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की भीड़ देखने को मिली। नोएडा के सेक्टर-22 स्थित एक भारत गैस एजेंसी के बाहर खाली सिलेंडर लेकर लोगों की लंबी लाइन लगी दिखाई दी। वहीं उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के बर्डपुर गांव का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें सैकड़ों लोग गैस एजेंसी के बाहर लाइन में बैठे नजर आए।

हालांकि कई स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का कहना है कि असली समस्या गैस की कमी नहीं बल्कि लोगों में फैली घबराहट है। जैसे ही युद्ध और सप्लाई बाधित होने की खबरें सामने आईं, लोगों ने जल्दी-जल्दी गैस सिलेंडर बुक करना शुरू कर दिया। इससे वितरण व्यवस्था पर अचानक दबाव बढ़ गया।

केंद्र सरकार ने भी साफ किया है कि देश में एलपीजी की कोई राष्ट्रीय स्तर की कमी नहीं है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बयान देते हुए कहा कि भारत के पास ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक और रणनीतिक भंडार मौजूद है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराने की जरूरत नहीं है।

इसके बावजूद कुछ जगहों से गैस सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतें भी सामने आई हैं। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ की एक महिला ने बताया कि उसे मजबूरी में घरेलू गैस सिलेंडर 1500 रुपये में खरीदना पड़ा। महिला के मुताबिक रमज़ान का महीना होने के कारण घर में खाना बनाने के लिए गैस जरूरी थी, इसलिए उसे ज्यादा कीमत देकर सिलेंडर लेना पड़ा।

दक्षिण दिल्ली में इंडेन गैस की डिलीवरी करने वाले एक कर्मचारी ने बताया कि पिछले चार से पांच दिनों में पैनिक बाइंग काफी बढ़ गई है। हालांकि उसने यह भी स्पष्ट किया कि सप्लाई में कोई बड़ी समस्या नहीं है और कंपनियां लगातार गैस उपलब्ध करा रही हैं।

दरअसल ईरान में जारी युद्ध की वजह से लोगों में यह डर बढ़ गया है कि खाड़ी देशों से आने वाली गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का लगभग दो-तिहाई हिस्सा आयात करता है। इसमें संयुक्त अरब अमीरात, कतर, सऊदी अरब और कुवैत जैसे देश शामिल हैं। इन देशों से आने वाली ज्यादातर गैस हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते भारत पहुंचती है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बेहद महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है।

इसी चिंता के चलते देश के कई हिस्सों में अचानक गैस बुकिंग में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार पश्चिम बंगाल के कोलकाता और आसपास के जिलों में एलपीजी बुकिंग में लगभग 15 से 20 प्रतिशत तक का उछाल दर्ज किया गया है।

तेजी से बढ़ती मांग को देखते हुए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने गैस बुकिंग के नियमों में बदलाव भी किया है। पहले एक सिलेंडर बुक करने के बाद दूसरा सिलेंडर बुक करने के लिए 15 दिन का लॉक-इन पीरियड था, जिसे पहले 21 दिन और अब 25 दिन तक बढ़ा दिया गया है। जिन घरों में दो सिलेंडर हैं, उनके लिए अगली बुकिंग के बीच 30 दिन का अंतर तय किया गया है।

इस बीच 7 मार्च को सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी भी की है। इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर की कीमत बढ़कर 913 रुपये हो गई है। वहीं 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में भी 115 रुपये की वृद्धि की गई है।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार भारत के पास फिलहाल 25 से 30 दिनों की मांग पूरी करने लायक एलपीजी स्टॉक मौजूद है। जरूरत पड़ने पर रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा भारत ने अमेरिका से एलपीजी आयात भी बढ़ाया है, जिससे आपूर्ति को और मजबूत किया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल देश में एलपीजी की वास्तविक कमी नहीं है। लंबी कतारें और बढ़ती कीमतों की चर्चा मुख्य रूप से घबराहट में की गई ज्यादा बुकिंग, स्थानीय स्तर पर सप्लाई में रुकावट और ब्लैक मार्केटिंग के कारण सामने आ रही हैं।