जालंधर होटल से गिरफ्तार हुई Gold Fraud Racket की मास्टरमाइंड—कश्मीर पुलिस का बड़ा खुलासा

Gold Fraud
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कश्मीर घाटी में कई जिलों में सक्रिय एक बड़े Gold Fraud Racket और चोरी के सोने के नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए श्रीनगर पुलिस ने उस रैकेट की मास्टरमाइंड महिला को गिरफ्तार कर लिया है, जो लंबे समय से फरार चल रही थी। पुलिस ने बताया कि यह महिला, अपने दो साथियों के साथ मिलकर, सोने के व्यापारी और ज्वैलर्स को निशाना बनाती थी और चोरी का सोना विभिन्न राज्यों में बेचती थी।

लाल बाज़ार पुलिस स्टेशन के अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार महिला की पहचान असमत जान उर्फ तब्बू के रूप में हुई है, जिसके खिलाफ लाल बाजार, सफाकदल, चदूरा, सोपोर और ख्रेव (अवंतीपोरा) सहित कई जगहों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और चोरी में शामिल होने के कई मामले दर्ज थे। वह लंबे समय से कानून से बचती रही और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदलती रहती थी। उसकी लोकेशन पश्चिम बंगाल, पंजाब, महाराष्ट्र और जम्मू जैसे राज्यों में बार-बार बदलती पाई गई थी।

पुलिस को कुछ समय पहले इनपुट मिला कि आरोपी महिला पंजाब के जालंधर में छिपी हुई है। इन जानकारियों को गंभीरता से लेते हुए SDPO और ज़ोनल SP की निगरानी में लाल बाजार पुलिस स्टेशन की पाँच अलग-अलग टीमों को लगाकर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई। कई दिनों की खोज के बाद पुलिस ने उसे जालंधर के होटल व्हाइट हाउस में पकड़ लिया। गिरफ्तारी के समय वह एक फर्जी पहचान का उपयोग कर रही थी।

कश्मीर वैली गोल्ड एसोसिएशन ने पहले भी इस महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी और पूरे क्षेत्र के ज्वैलर्स के साथ उसके धोखाधड़ी में शामिल होने पर चिंता जताई थी। पुलिस ने इस मामले में FIR नंबर 42/2025 दर्ज की है, जो BNS की धारा 303(2) और 318(4) के तहत दर्ज की गई है।

जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस को पता चला कि रैकेट में एक सुनार और एक अन्य स्थानीय व्यक्ति भी शामिल था, जो चोरी के सोने को खरीदने, ट्रांसपोर्ट करने और ठिकाने लगाने का काम करता था। गिरफ्तार साथियों की पहचान शमीम अहमद शेख, निवासी इंद्र नगर, और बसीर अहमद डार, निवासी नवाकदल, के रूप में हुई है।

शमीम शेख पर आरोप है कि वह मुख्य आरोपी से चोरी के गहने बेहद कम कीमत पर खरीद लेता था और उन्हें विभिन्न स्थानों पर छिपाकर रखता था। वहीं बसीर डार चोरी का सोना शहर से बाहर ट्रांसपोर्ट करने और उसे गुपचुप तरीके से बेचने का काम करता था।

तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है और पुलिस अब रैकेट के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आगे की जांच में और गिरफ्तारियां तथा चोरी के सोने की बरामदगी संभव है। प्रारंभिक जांच से यह भी संकेत मिले हैं कि यह गिरोह कई महीनों से सक्रिय था और इसका नेटवर्क कश्मीर के अलावा अन्य राज्यों तक फैला हुआ था।

पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से कश्मीर घाटी में सक्रिय गोल्ड फ्रॉड से जुड़े मामलों में बड़ी राहत मिलेगी और कई पुराने मामलों का खुलासा भी संभव है।