Gandak River Accident: गंडक नदी में सोमवार शाम एक गंभीर हादसा हो गया जब कोईरपट्टी घाट के पास दो नावों की टक्कर हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, एक बड़ी नाव अचानक छोटी नाव से टकरा गई, जिसमें कुल 15 लोग सवार थे। इनमें ज्यादातर महिलाएं थीं और दो युवक भी मौजूद थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि छोटी नाव असंतुलित होकर पलट गई।
पानी में गिरने के बाद 13 लोग सुरक्षित बाहर आ गए, लेकिन दो बच्चियों का अब तक पता नहीं चल सका है।
लापता बच्चियों की पहचान
-
पुनीता कुमारी (17), पिता: धर्म यादव
-
सुगी कुमारी (10), पिता: रमेश यादव
खेती के काम से घर लौट रहे थे सभी लोग
ग्रामीणों ने बताया कि सभी लोग मसानढ़ाब दियारा इलाके में कृषि कार्य करने के बाद छोटी नाव से लौट रहे थे। शाम लगभग पाँच बजे यह हादसा हुआ। छोटी नाव बैजुआ से कोईरपट्टी की ओर जा रही थी। घाट से करीब 100 मीटर पहले नाविक का संतुलन बिगड़ा और उसी समय किनारे पर खड़ी बड़ी नाव ने टक्कर मार दी, जिससे छोटी नाव पलट गई।
लापता बच्चियों की तलाश जारी
हादसे की सूचना मिलते ही बैरिया थाना पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों की मदद से गंडक नदी में बड़ा सर्च ऑपरेशन चल रहा है। अंचलाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि यह एक निजी नाव थी और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
सेना के जवान ने निभाई बहादुरी—11 महिलाओं की जान बचाई
गांव के रुपेश कुमार, जो भारतीय सेना में नागालैंड के दीमापुर में तैनात हैं और फिलहाल छुट्टी पर घर आए हुए हैं, ने अद्भुत साहस दिखाया।
नाव पलटने की जानकारी मिलते ही वे तुरंत तटबंध से नदी किनारे पहुंचे और बिना देर किए गहरे पानी में कूद पड़े।
उन्होंने बारी-बारी से 11 महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकालकर बड़ा हादसा होने से बचाया। बताया जा रहा है कि घटनास्थल पर पानी की गहराई लगभग 10 फीट थी।
पलटी हुई नाव का अब तक नहीं मिला पता
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि गंडक नदी में तेज बहाव होने के कारण पलटी हुई नाव अभी तक नहीं मिल सकी है। गोताखोरों की टीम इसकी खोज में जुटी हुई है।

