Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां बिजली पोल पर काम कर रहे एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई। यह tragic घटना बिरेंझर चौकी के अंतर्गत आने वाले नवागांव में हुई। मृतक की पहचान धर्मेंद्र के रूप में हुई है, जो भखारा बिजली कार्यालय में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। उनकी अचानक हुई मृत्यु से गांव में मातम का माहौल है और परिजनों सहित स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
कैसे हुआ हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, धर्मेंद्र नवागांव क्षेत्र में बिजली आपूर्ति से संबंधित कार्य के लिए पहुंचे थे। कार्य के दौरान वे बिजली पोल पर चढ़कर तारों की जांच और मरम्मत कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उच्च वोल्टेज का करंट उनके संपर्क में आ गया, जिससे वे पोल से नीचे गिर पड़े। करंट का झटका इतना तेज था कि धर्मेंद्र मौके पर ही गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के तुरंत बाद साथ मौजूद लोग और ग्रामीण उन्हें भखारा अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद धर्मेंद्र की हालत गंभीर बताते हुए उन्हें धमतरी जिला अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
ग्रामीणों में आक्रोश, लापरवाही के आरोप
धर्मेंद्र की मौत की खबर जैसे ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में फैली, लोगों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों और परिजनों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि उचित सुरक्षा तैयारियों और प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते एक युवा कर्मचारी की जान गई।
आक्रोशित ग्रामीण बड़ी संख्या में भखारा स्थित बिजली विभाग के कार्यालय पहुंच गए और अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई। कुछ समय तक वहां माहौल तनावपूर्ण बना रहा। लोगों ने सवाल उठाया कि कार्य के दौरान क्या लाइन को पूरी तरह बंद किया गया था? क्या कर्मचारी को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण दिए गए थे? ऐसी लापरवाही कैसे हो सकती है?
अधिकारियों और पुलिस ने संभाला मामला
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि घटना की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल का निरीक्षण किया है।
अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन और विद्युत कार्यों के दौरान सावधानी रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस हादसे की पूरी जानकारी एकत्र कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
परिवार के लिए मुआवजे की मांग
ग्रामीणों और परिजनों ने मृतक धर्मेंद्र के परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि धर्मेंद्र घर के मुखिया थे और उनकी मृत्यु से परिवार आर्थिक संकट में पड़ गया है। इसलिए सरकार और बिजली विभाग को आगे आकर परिवार की सहायता करनी चाहिए।
गांव में पसरा मातम
धर्मेंद्र की मौत से नवागांव और आसपास के गांवों में शोक का माहौल है। लोग दुखी और भावुक हैं क्योंकि धर्मेंद्र को एक मेहनती और जिम्मेदार कर्मचारी माना जाता था। उनकी अचानक हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं और ग्रामीण अब इस बात की मांग कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा नियम लागू किए जाएं।

