Canada Police: भारत और कनाडा के बीच पिछले कुछ समय से चले आ रहे कूटनीतिक तनाव के बीच अब एक अहम बयान सामने आया है। कनाडा की राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी Royal Canadian Mounted Police (RCMP) के प्रमुख माइक डुहेम ने कहा है कि उनके देश में इस समय भारत सरकार से जुड़ी किसी भी प्रकार की “गुप्त गतिविधि” या “सीमा पार दमन” (transnational repression) के कोई ठोस प्रमाण नहीं हैं।
डुहेम ने यह बयान CTV News को दिए एक साक्षात्कार में दिया, जो रविवार को प्रसारित हुआ। उनसे पूछा गया था कि क्या कनाडा में अब भी भारत से जुड़े एजेंटों द्वारा किसी तरह की संदिग्ध गतिविधियां चिंता का विषय हैं।
क्या कहा RCMP प्रमुख ने?
इस सवाल के जवाब में डुहेम ने साफ तौर पर कहा कि मौजूदा जांच और उपलब्ध आपराधिक खुफिया जानकारी के आधार पर किसी भी विदेशी सरकार, जिसमें भारत भी शामिल है, से जुड़ी ऐसी गतिविधियों का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कनाडा में कुछ लोग दूसरों को डराने या परेशान करने की कोशिश जरूर कर रहे हैं, लेकिन इन गतिविधियों को किसी विदेशी देश या संस्था से जोड़ने के लिए फिलहाल कोई साक्ष्य नहीं है।
डुहेम के मुताबिक, यह निष्कर्ष विभिन्न मामलों के व्यापक मूल्यांकन के बाद सामने आया है, जिनमें विदेशी हस्तक्षेप और सीमा पार दमन से जुड़े आरोप शामिल थे।
भारत-कनाडा संबंधों की पृष्ठभूमि
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और कनाडा के बीच संबंध पिछले कुछ महीनों से तनावपूर्ण रहे हैं। विवाद की शुरुआत 2023 में हुई थी, जब तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत की संभावित संलिप्तता का आरोप लगाया था।
इन आरोपों के बाद दोनों देशों के रिश्ते काफी बिगड़ गए थे। भारत ने ट्रूडो के आरोपों को “बेतुका” और निराधार बताया था। इसके बाद अक्टूबर 2024 में कनाडा द्वारा इस मामले में भारतीय उच्चायुक्त और अन्य राजनयिकों को जोड़ने की कोशिश के बाद भारत ने कड़ा कदम उठाते हुए अपने राजनयिकों को वापस बुला लिया था। जवाबी कार्रवाई में भारत ने कनाडा के कुछ राजनयिकों को भी निष्कासित कर दिया था।
संबंधों में सुधार की कोशिश
हालांकि, हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने के प्रयास तेज हुए हैं। कनाडा में हुए संसदीय चुनाव में मार्क कार्नी के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद कूटनीतिक माहौल में सुधार देखा गया है।
दोनों देशों ने एक-दूसरे की राजधानियों में अपने-अपने उच्चायुक्त फिर से नियुक्त किए हैं, जो रिश्तों को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हाल ही में मार्क कार्नी की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर सहमति बनी। इनमें यूरेनियम और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति से जुड़े समझौते शामिल हैं। इसके अलावा, दोनों देशों ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (Comprehensive Economic Partnership Agreement) को जल्द अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता भी जताई है।
आगे का रास्ता
RCMP प्रमुख का यह बयान दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इससे यह संदेश जाता है कि वर्तमान में कनाडा में भारत से जुड़ी किसी भी गुप्त या संदिग्ध गतिविधि के ठोस प्रमाण नहीं हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इसी तरह कूटनीतिक प्रयास जारी रहे, तो आने वाले समय में भारत और कनाडा के रिश्ते फिर से मजबूत हो सकते हैं। व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने की भी संभावना है।

