Assembly Elections 2026: असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया है। तीनों क्षेत्रों में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अब सभी उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो चुकी है। चुनाव आयोग के अनुसार, पूरे मतदान प्रक्रिया के दौरान व्यापक रूप से शांति बनी रही और किसी बड़े अप्रिय घटना की खबर नहीं आई।
Assam में 126 विधानसभा सीटों के लिए मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 5 बजे तक चला। हालांकि समय समाप्त होने के बाद भी कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। शाम 5 बजे तक राज्य में कुल 86.92 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो उत्साहजनक माना जा रहा है।
जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो दक्षिण सलमारा मनकाचर जिले में सबसे अधिक 94.08 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि पश्चिम कार्बी आंगलोंग में सबसे कम 72.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके अलावा बारपेटा, बोंगाईगांव, गोलपारा और दरंग जैसे जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ, जो मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
चुनाव के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। मतदान समाप्त होने के बाद अधिकारियों ने ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को सील कर सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया। राज्य में कुल 722 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे, जिनकी किस्मत अब 4 मई को होने वाली मतगणना में तय होगी। असम में करीब 2.5 करोड़ मतदाताओं के लिए 28,205 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
Kerala की 140 विधानसभा सीटों के लिए भी मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। यहां शाम 5 बजे तक 75.01 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले विधानसभा चुनाव (2021) के मुकाबले थोड़ा अधिक है। हालांकि कई मतदान केंद्रों पर शाम 6 बजे के बाद भी लोगों को टोकन देकर वोट डालने की अनुमति दी गई, जिससे अंतिम मतदान प्रतिशत और बढ़ने की संभावना है।
केरल में भी मतदान के दौरान किसी बड़े विवाद या हिंसा की खबर नहीं आई, जिससे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर भरोसा मजबूत हुआ है।
वहीं, Puducherry में 30 विधानसभा सीटों के लिए मतदान शाम 6 बजे समाप्त हुआ। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, यहां करीब 86 प्रतिशत मतदान हुआ, जो काफी अच्छा माना जा रहा है। मतदान केंद्रों पर समय सीमा से पहले पहुंचे मतदाताओं को वोट डालने का अवसर दिया गया।
पुडुचेरी में इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग), जिसमें अखिल भारतीय एन.आर. कांग्रेस (AINRC) प्रमुख भूमिका में है, सत्ता बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। वहीं, विपक्षी कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन सत्ता परिवर्तन के लिए जोर लगा रहा है। इस चुनाव में करीब 9.5 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके हैं।
तीनों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव आयोग की निगरानी में मतदान शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरा हुआ। अधिकारियों और पीठासीन अधिकारियों ने भी चुनाव प्रक्रिया के सफल संचालन के लिए संतोष व्यक्त किया और मतदाताओं का धन्यवाद किया।
अब सभी की नजर 4 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी है, जब यह साफ हो जाएगा कि किस पार्टी को जनता का जनादेश मिला है। चुनाव परिणाम न केवल इन राज्यों की राजनीतिक दिशा तय करेंगे, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

