Social Media Love: पति ने दिखाई अनोखी मिसाल, पत्नी की दूसरी शादी में खुद बना गवाह

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Social Media Love: बिहार के वैशाली जिले से सामने आई एक घटना ने रिश्तों, प्रेम और त्याग को लेकर समाज में नई बहस छेड़ दी है। यह कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है, जहां एक पति ने टूटन, गुस्से या बदले की भावना के बजाय अपनी पत्नी की खुशी को प्राथमिकता दी। तीन बच्चों की मां पत्नी जब अपने पति से दूर होकर किसी और से प्यार करने लगी, तो पति ने उसे रोकने या विवाद खड़ा करने के बजाय उसे आज़ाद करने का फैसला किया। यही नहीं, उसने खुद अपनी पत्नी की दूसरी शादी में गवाह बनकर सभी को चौंका दिया।

सोशल मीडिया से शुरू हुआ प्रेम प्रसंग

रानी कुमारी और कुंदन कुमार की शादी साल 2011 में कोर्ट मैरिज के जरिए हुई थी। कुंदन एक ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) चलाकर परिवार की जिम्मेदारी निभा रहे थे। शादी के 14 वर्षों में दोनों के तीन बच्चे हुए और शुरुआत में परिवार सामान्य रूप से चल रहा था। लेकिन करीब पांच साल पहले रानी की जिंदगी में सोशल मीडिया ने नया मोड़ ला दिया। फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए उनकी बातचीत अपने फुफेरे भाई गोबिंद कुमार से शुरू हुई, जो धीरे-धीरे गहरे प्रेम संबंध में बदल गई।

जैसे-जैसे यह रिश्ता मजबूत होता गया, रानी मानसिक रूप से अपने पति और बच्चों से दूर होती चली गईं। घरेलू जीवन में बढ़ती दूरी ने रिश्ते में दरार पैदा कर दी।

बार-बार घर छोड़ना और पति का संघर्ष

रानी और गोबिंद के बीच बढ़ते संबंधों के कारण रानी कई बार घर छोड़कर गोबिंद के पास चली गईं। कुंदन ने हर बार अपनी शादी और परिवार को बचाने की कोशिश की। पत्नी को वापस लाने के लिए वे जम्मू से बिहार तक आए, बच्चों का वास्ता दिया और रिश्ते को संभालने का प्रयास किया। करीब डेढ़ महीने पहले भी रानी घर छोड़कर चली गई थीं, जिन्हें कुंदन ने समझाकर वापस लाया था।

हालांकि बार-बार की कोशिशों के बावजूद रानी का मन नहीं बदला। पत्नी की लगातार बेरुखी और मानसिक दूरी ने कुंदन को भीतर से तोड़ दिया।

जब पति बना पत्नी की शादी का गवाह

आखिरकार कुंदन ने एक ऐसा फैसला लिया जिसने सभी को हैरान कर दिया। उन्होंने समझ लिया कि जबरदस्ती किसी रिश्ते को नहीं निभाया जा सकता। विवाद, हिंसा या लंबी कानूनी लड़ाई से दूर रहते हुए कुंदन ने खुद रानी और गोबिंद की शादी करवाने का निर्णय लिया। वैशाली कोर्ट में हुई इस कोर्ट मैरिज में कुंदन न सिर्फ मौजूद रहे, बल्कि गवाह भी बने।

कुंदन ने भावुक होकर कहा, “मैं अब थक चुका हूं। अगर उसकी खुशी इसी में है, तो मैं उसे आज़ाद करता हूं।” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोग इसे त्याग और परिपक्वता की मिसाल बता रहे हैं।

दोनों पक्षों की दलीलें

रानी का कहना है कि वह कुंदन के साथ खुश नहीं थीं और यह रिश्ता उनके लिए मानसिक तनाव बन गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके तीनों बच्चे अपने पिता कुंदन के साथ ही रहेंगे। वहीं गोबिंद ने भरोसा दिलाया कि वह रानी का पूरा ध्यान रखेंगे और दोनों एक नई जिंदगी की शुरुआत करेंगे।

यह घटना जहां कुछ लोगों को भावनात्मक रूप से झकझोर रही है, वहीं कई लोग इसे रिश्तों में सहमति, स्वतंत्रता और त्याग की असाधारण मिसाल मान रहे हैं।