इंडियन आइडल विजेता और अभिनेता प्रशांत तमांग (Prashant Tamang) का 43 वर्ष की उम्र में निधन

Prashant Tamang
Prashant Tamang

प्रसिद्ध गायक और अभिनेता प्रशांत तमांग (Prashant Tamang) का 11 जनवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वह 43 वर्ष के थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा, हालांकि आधिकारिक मेडिकल पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। उनके असामयिक निधन की खबर सामने आते ही संगीत और फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रशंसक, साथी कलाकार और इंडस्ट्री से जुड़े लोग सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

प्रशांत तमांग को देशभर में पहचान वर्ष 2007 में ‘इंडियन आइडल सीजन 3’ जीतने के बाद मिली थी। उनकी जीत केवल एक रियलिटी शो की सफलता नहीं थी, बल्कि यह एक साधारण व्यक्ति के सपनों के साकार होने की कहानी थी। शो जीतते ही वह रातों-रात लोकप्रिय हो गए और उनके लाखों प्रशंसक बन गए। इसके बाद उनका म्यूजिक एल्बम ‘धन्यवाद’ रिलीज हुआ, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। उन्होंने भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी कई लाइव शो किए और अपनी सुरीली आवाज से लोगों का दिल जीता।

प्रशांत तमांग का जन्म 4 जनवरी 1983 को पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में हुआ था। बचपन में ही उनके सिर से पिता का साया उठ गया था, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारियां उनके कंधों पर आ गईं। आर्थिक मजबूरियों के चलते उन्होंने कोलकाता पुलिस में कांस्टेबल के रूप में नौकरी जॉइन की। हालांकि, पुलिस की वर्दी पहनने के बावजूद संगीत के प्रति उनका जुनून कभी कम नहीं हुआ। वह पुलिस ऑर्केस्ट्रा का हिस्सा बने और हर मंच पर अपनी गायकी से लोगों को प्रभावित करते रहे।

संगीत में पहचान बनाने के बाद प्रशांत तमांग ने अभिनय की दुनिया में भी कदम रखा। वर्ष 2010 में उन्होंने नेपाली फिल्म ‘गोरखा पलटन’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। इसके बाद वह कई नेपाली फिल्मों में नजर आए और एक अभिनेता के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाई। हाल के वर्षों में वह लोकप्रिय वेब सीरीज ‘पाताल लोक सीजन 2’ में डेनियल लेचो के किरदार में दिखाई दिए। इस सीरीज में उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों से काफी सराहना मिली।

प्रशांत तमांग की खास पहचान उनके सांस्कृतिक गीतों से भी बनी। ‘बीर गोरखाली’ और ‘असारे महिमा’ जैसे गीत आज भी लोगों की जुबान पर हैं। उनकी आवाज में अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़ाव साफ झलकता था, जिसने खासकर पहाड़ी और पूर्वोत्तर क्षेत्र के युवाओं को गहराई से प्रभावित किया।

जानकारी के अनुसार, प्रशांत हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में एक लाइव शो कर दिल्ली लौटे थे। उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि उन्हें किसी गंभीर बीमारी की जानकारी पहले नहीं थी। एक साधारण पुलिसकर्मी से लेकर देश के चर्चित गायक और अभिनेता बनने तक का उनका सफर लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा रहा। उनके अचानक चले जाने से संगीत और अभिनय जगत को गहरा आघात पहुंचा है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।