Parenting Tips: क्या बच्चों को जूठा खाना देना सही है? जानें डॉक्टर की राय

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Parenting Tips: छोटे बच्चे अक्सर अपने माता-पिता के साथ बैठकर खाना खाते हैं। ऐसे में कई बार प्यार और स्नेह में माता-पिता अपनी प्लेट से थोड़ा सा खाना बच्चे को खिला देते हैं या फिर बच्चे के खाने में से कुछ खाकर उसे वापस दे देते हैं। बहुत से लोगों को यह सामान्य और प्यार जताने का तरीका लगता है। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह आदत बच्चों की सेहत के लिए सही नहीं मानी जाती।

डॉक्टर बताते हैं कि वयस्कों के मुंह में कई तरह के बैक्टीरिया और वायरस मौजूद होते हैं। आमतौर पर ये बैक्टीरिया बड़े लोगों को नुकसान नहीं पहुंचाते क्योंकि उनकी इम्यूनिटी मजबूत होती है। लेकिन छोटे बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता अभी पूरी तरह विकसित नहीं होती, इसलिए वही बैक्टीरिया बच्चों के शरीर में जाकर संक्रमण पैदा कर सकते हैं।

जूठा खाना बच्चों के लिए क्यों हो सकता है नुकसानदायक

जब कोई व्यक्ति खाना खाता है तो उसके साथ मुंह की लार (सलाइवा) भी भोजन में मिल जाती है। इस लार में कई तरह के माइक्रोऑर्गेनिज्म यानी बैक्टीरिया और वायरस मौजूद हो सकते हैं।

अगर वही भोजन बच्चे को दिया जाता है तो यह बैक्टीरिया सीधे बच्चे के शरीर में पहुंच सकते हैं। क्योंकि छोटे बच्चों की इम्यूनिटी अभी विकास की प्रक्रिया में होती है, इसलिए उनका शरीर इन बैक्टीरिया से जल्दी प्रभावित हो सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह आदत लंबे समय में बच्चों की सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकती है। इसलिए बच्चों को जूठा खाना खिलाने से बचना चाहिए।

बच्चों में हो सकती हैं ये स्वास्थ्य समस्याएं

अगर बच्चे को बार-बार किसी का जूठा खाना दिया जाए तो उसे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। उदाहरण के लिए:

1. सर्दी-जुकाम और गले का संक्रमण
मुंह के बैक्टीरिया बच्चे के गले में पहुंचकर संक्रमण पैदा कर सकते हैं, जिससे बार-बार सर्दी या गले में दर्द की समस्या हो सकती है।

2. पेट से जुड़ी परेशानियां
जूठे भोजन के जरिए बैक्टीरिया पेट में पहुंचकर पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे पेट दर्द, दस्त या उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

3. बैक्टीरियल इंफेक्शन
कई बार कुछ बैक्टीरिया बच्चों के शरीर में गंभीर संक्रमण का कारण भी बन सकते हैं।

4. दांतों से जुड़ी समस्याएं
वयस्कों के मुंह में मौजूद बैक्टीरिया बच्चों के दांतों तक पहुंचकर दांतों की सड़न या अन्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं।

कई बार माता-पिता यह समझ नहीं पाते कि बच्चा अचानक बीमार कैसे हो गया, जबकि घर में कोई और बीमार नहीं होता। ऐसे मामलों में यह भी संभव है कि बच्चे ने किसी बड़े का जूठा खाना खाया हो।

बच्चों को सिखाएं सही खाने की आदतें

डॉक्टरों के अनुसार बच्चों को छोटी उम्र से ही सही खान-पान और साफ-सफाई की आदतें सिखाना जरूरी है।

माता-पिता को खुद भी यह आदत छोड़नी चाहिए कि वे अपनी प्लेट से खाना बच्चे को दें या बच्चे का खाना खाकर उसे वापस दे दें।

बच्चों की प्लेट, चम्मच, बोतल और कटोरी अलग-अलग होनी चाहिए। इससे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बैक्टीरिया या वायरस फैलने का खतरा कम हो जाता है। इसे मेडिकल भाषा में क्रॉस-कंटेमिनेशन कहा जाता है।

बच्चों की सेहत के लिए हाइजीन है जरूरी

बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

कोशिश करें कि बच्चे को हमेशा ताजा और साफ भोजन दिया जाए। खाने से पहले और बाद में हाथ धोने की आदत भी बच्चों में जरूर विकसित करनी चाहिए।

इसके अलावा बच्चे के खाने के बर्तन नियमित रूप से साफ रखने चाहिए और किसी का जूठा खाना बच्चे को देने से बचना चाहिए।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अगर माता-पिता इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें तो बच्चों को कई तरह के संक्रमण से बचाया जा सकता है और उनकी इम्यूनिटी भी मजबूत बनी रहती है।