मुमताज बोलीं: एक आदमी को तीन-चार शादियां नहीं करनी चाहिए

Mumtaz
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1970 के दशक की मशहूर बॉलीवुड अभिनेत्री Mumtaz ने हाल ही में अपने निजी जीवन, इंटरफेथ मैरिज और बहुविवाह (पोलिगैमी) पर खुलकर बात की। एक इंटरव्यू में उन्होंने शादी, रिश्तों और धर्म के बारे में अपने अनुभव साझा किए।

यूट्यूब चैनल Sitaron Ka Safar को दिए गए इस इंटरव्यू में मुमताज ने बताया कि उनके लिए रिश्तों में सबसे ज्यादा अहम प्यार, सम्मान और समझ है, न कि धर्म।

मुमताज का जन्म मुमताज अस्करी के रूप में हुआ था और वह 1970 के दशक में हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में से एक रही हैं। उन्होंने अपने करियर में कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया और आज भी बॉलीवुड के स्वर्णिम दौर की प्रमुख सितारों में गिनी जाती हैं।

इंटरफेथ मैरिज पर मुमताज की राय

मुमताज ने अपने इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने अपने जीवन में हमेशा दोनों धर्मों का सम्मान किया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक हिंदू से शादी की और उनकी बहन ने भी हिंदू से ही विवाह किया है।

मुमताज की शादी उद्योगपति Mayur Madhvani से हुई है। उन्होंने कहा कि वह अपने वैवाहिक जीवन में बेहद खुश हैं और उनके पति हमेशा उनका बहुत ख्याल रखते हैं।

उन्होंने कहा कि वह समझ नहीं पातीं कि लोग अक्सर हिंदू-मुस्लिम के मुद्दे को लेकर इतना विभाजन क्यों पैदा करते हैं।

मुमताज के अनुसार, जब दो लोग एक-दूसरे से प्यार करते हैं और एक-दूसरे का सम्मान करते हैं, तो धर्म उनके बीच कभी दीवार नहीं बनना चाहिए।

उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बहन भी अपनी इंटरफेथ शादी में खुश हैं, जिससे यह साबित होता है कि रिश्तों में समझ और भरोसा सबसे महत्वपूर्ण होता है।

धर्म से ऊपर है आस्था

हालांकि मुमताज मुस्लिम परिवार में पैदा हुई थीं, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें हिंदू देवी-देवताओं में भी गहरी आस्था है।

उनका मानना है कि ईश्वर और आध्यात्मिकता किसी एक धर्म तक सीमित नहीं होती। उन्होंने कहा कि इंसान को हर धर्म और आस्था का सम्मान करना चाहिए।

उनके मुताबिक, समाज में शांति और सौहार्द तभी संभव है जब लोग एक-दूसरे के विश्वास और परंपराओं को स्वीकार करें।

बहुविवाह पर मुमताज की कड़ी टिप्पणी

इंटरव्यू के दौरान मुमताज ने बहुविवाह के मुद्दे पर भी अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से एक पुरुष द्वारा कई शादियां करने के विचार से सहमत नहीं हैं

उन्होंने कहा कि कुछ मुस्लिम पुरुष तीन या चार शादियां कर लेते हैं और बाद में अपनी पहली पत्नी को छोड़ देते हैं। मुमताज के अनुसार, यह महिलाओं के साथ अन्याय है।

उन्होंने कहा कि वह खुद मुस्लिम हैं, लेकिन फिर भी उन्हें लगता है कि एक के बाद एक कई शादियां करना सही नहीं है।

मुमताज ने कहा कि रिश्तों में महिलाएं स्वभाव से काफी पजेसिव होती हैं और यह स्वाभाविक भी है। ऐसे में अगर पति एक पत्नी को छोड़कर दूसरी शादी कर ले, तो यह भावनात्मक रूप से बेहद दर्दनाक होता है।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कभी लोगों ने सोचा है कि ऐसे फैसलों का महिलाओं पर क्या असर पड़ता है।

शादी में जरूरी है प्रतिबद्धता

मुमताज का मानना है कि शादी एक ऐसा रिश्ता है जिसमें वफादारी और प्रतिबद्धता सबसे ज्यादा मायने रखती है।

उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति को एक ही रिश्ते को निभाने की कोशिश करनी चाहिए, न कि बार-बार नया रिश्ता बनाने की।

मुमताज ने यह भी कहा कि कई हिंदू परिवारों में आमतौर पर पुरुष एक ही शादी करते हैं। हालांकि कुछ मामलों में दूसरी शादी भी होती है, लेकिन यह लगातार पत्नी बदलने जैसी बात नहीं होती।

उनके अनुसार, किसी भी रिश्ते की असली मजबूती उस भरोसे में होती है जो दोनों साथी एक-दूसरे पर रखते हैं।

परिवार को दिया ज्यादा समय

बॉलीवुड में सफल करियर के बाद मुमताज ने फिल्मों से दूरी बना ली और अपने परिवार को समय देना शुरू किया।

उनकी और मयूर माधवानी की दो बेटियां हैं— Natasha Madhwani और Tanya Madhwani

फिल्मों से दूर रहने के बावजूद मुमताज आज भी बॉलीवुड प्रेमियों के दिलों में खास जगह रखती हैं। उनके पुराने गाने और फिल्में आज भी दर्शकों को उतनी ही पसंद आती हैं।

उनका हालिया इंटरव्यू एक बार फिर चर्चा में है, जिसमें उन्होंने रिश्तों, धर्म और विवाह जैसे संवेदनशील विषयों पर अपनी स्पष्ट और बेबाक राय रखी।