Maharani Gayatri Devi: भारत के शाही इतिहास में कई नाम अपनी विरासत, व्यक्तित्व और योगदान के लिए याद किए जाते हैं, लेकिन Maharani Gayatri Devi का नाम उनमें सबसे खास है। उन्हें सिर्फ उनकी खूबसूरती के लिए नहीं, बल्कि उनकी बुद्धिमत्ता और आधुनिक सोच के लिए भी जाना जाता था। यही वजह है कि उन्हें “Beauty With Brain” का खिताब मिला।
जयपुर की राजमाता के रूप में प्रसिद्ध गायत्री देवी अपनी मां Indira Devi की तरह बेहद आकर्षक और स्टाइलिश थीं। उनका फैशन सेंस केवल भारत तक सीमित नहीं था, बल्कि यूरोप और अमेरिका तक चर्चित था। उस दौर में उनकी तुलना Jacqueline Kennedy से की जाती थी, जो खुद अपने एलिगेंट स्टाइल के लिए जानी जाती थीं।
रॉयल लाइफस्टाइल और फैशन आइकन
गायत्री देवी का पालन-पोषण एक शाही परिवार में हुआ था, जहां हर सुविधा उपलब्ध थी। उनके आसपास सैकड़ों नौकर-चाकर रहते थे। लेकिन उनकी पहचान केवल एक राजकुमारी के रूप में नहीं, बल्कि एक फैशन ट्रेंडसेटर के रूप में भी बनी।
उन्होंने भारत में कई नए फैशन ट्रेंड्स को लोकप्रिय बनाया। शादी से पहले वह बेल-बॉटम पैंट और शर्ट पहनती थीं, जो उस समय के हिसाब से काफी आधुनिक माना जाता था। शादी के बाद उन्होंने फ्रेंच शिफॉन साड़ियों को अपना सिग्नेचर स्टाइल बना लिया। उनकी साड़ियों की खासियत थी उनका हल्का कपड़ा, पेस्टल रंग और सुंदर प्रिंट्स।
साड़ियों और ज्वैलरी का खास शौक
गायत्री देवी के पास साड़ियों का बेहद शानदार कलेक्शन था। शिफॉन के अलावा उनके पास पेस्टल, क्रीम और सफेद रंग की साड़ियां थीं, जिन पर फ्लोरल, लहरिया और बांधनी प्रिंट देखने को मिलते थे। उन्हें जरी वर्क, गोटा पट्टी और कढ़ाई का काम विशेष रूप से पसंद था।
उनके रॉयल लुक को पूरा करने में उनकी ज्वैलरी का भी बड़ा योगदान था। उनका पसंदीदा नवरत्न नेकलेस, जो उन्हें उनके पति Maharaja Sawai Man Singh II ने उपहार में दिया था, आज भी दुनिया के महंगे आभूषणों में गिना जाता है। इस नेकलेस में रुबी, पन्ना, नीलम, मोती, हीरे और गार्नेट जैसे कीमती रत्न जड़े हुए थे।
इंटरनेशनल फैशन पर असर
गायत्री देवी का फैशन इतना प्रभावशाली था कि पेरिस के मशहूर ब्रांड Chanel ने भी उन्हें अपने इंस्पिरेशन बोर्ड में शामिल किया था। यही नहीं, भारत के प्रसिद्ध डिजाइनर Sabyasachi Mukherjee ने भी अपने कलेक्शन में उनके स्टाइल से प्रेरणा ली।
आधुनिक सोच और सामाजिक योगदान
गायत्री देवी केवल खूबसूरत ही नहीं थीं, बल्कि उनकी सोच भी बेहद आधुनिक थी। उन्होंने समाज में महिलाओं की स्थिति को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए।
उस समय जब शाही परिवारों में पर्दा प्रथा आम थी, उन्होंने इसका विरोध किया। शादी के बाद उन्होंने कुछ समय तक सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लिया, क्योंकि वह पर्दे में रहने के खिलाफ थीं।
उन्होंने लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक स्कूल की स्थापना की और खासतौर पर राजपूत परिवारों की लड़कियों को यह सिखाया कि उन्हें पर्दा प्रथा से बाहर आना चाहिए और आत्मनिर्भर बनना चाहिए।
एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व
गायत्री देवी का जीवन इस बात का उदाहरण है कि सुंदरता और बुद्धिमत्ता साथ-साथ चल सकती है। उन्होंने अपने स्टाइल, सोच और कार्यों से समाज पर गहरा प्रभाव छोड़ा।
आज भी उन्हें भारत की सबसे स्टाइलिश और प्रगतिशील शाही महिलाओं में गिना जाता है। उनका जीवन न केवल फैशन बल्कि सामाजिक बदलाव के लिए भी प्रेरणा देता है।

