Gmail यूजर्स अलर्ट! कहीं आपकी निजी ईमेल पर AI की नजर तो नहीं? ये दो सेटिंग्स तुरंत करें बंद

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Gmail Privacy Alert: दुनियाभर में करोड़ों लोग Gmail का इस्तेमाल निजी और प्रोफेशनल बातचीत के लिए करते हैं। लेकिन हाल ही में सामने आए एक दावे ने Gmail यूजर्स की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गूगल की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक कुछ डिफॉल्ट सेटिंग्स के जरिए यूजर्स के ईमेल, अटैचमेंट्स और इनबॉक्स एक्टिविटी को प्रोसेस कर सकती है। इस खुलासे के बाद डिजिटल प्राइवेसी को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।

🧠 एक्सपर्ट का दावा: बिना जाने दे रहे हैं डेटा एक्सेस

प्रसिद्ध टेक एनालिस्ट Devery Jones ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर दावा किया है कि Gmail की कुछ डिफॉल्ट सेटिंग्स ऐसी होती हैं, जिनके चलते यूजर्स अनजाने में ही अपने डेटा तक AI सिस्टम को पहुंच दे देते हैं। उनके मुताबिक, कई लोग इन सेटिंग्स को कभी बदलते ही नहीं हैं, जिससे उनकी निजी जानकारी लंबे समय तक सिस्टम द्वारा स्कैन होती रहती है।
जोन्स का कहना है कि अगर यूजर खुद पहल न करे, तो प्राइवेसी अपने आप सुरक्षित नहीं रहती।

🤖 AI आपके इनबॉक्स को क्यों स्कैन करता है?

टेक एक्सपर्ट्स के अनुसार, Gmail में मिलने वाली कई एडवांस सुविधाएं—जैसे Ask Gemini, ईमेल का ऑटो सारांश, स्मार्ट रिप्लाई और कंटेंट सजेशन—पूरी तरह यूजर के इनबॉक्स डेटा पर आधारित होती हैं।
इन फीचर्स को सटीक और उपयोगी बनाने के लिए AI एल्गोरिदम ईमेल के टेक्स्ट, अटैचमेंट्स और बातचीत के पैटर्न को प्रोसेस करते हैं। हालांकि, यह प्रोसेसिंग ऑटोमैटिक होती है, लेकिन यही बात प्राइवेसी को लेकर सवाल खड़े करती है।

🛡️ कैसे सुरक्षित रखें अपनी ईमेल प्राइवेसी?

अगर आप नहीं चाहते कि आपकी निजी बातचीत AI सिस्टम तक पहुंचे, तो नीचे दिए गए स्टेप्स को तुरंत फॉलो करें:

  1. Gmail सेटिंग्स खोलें
    कंप्यूटर पर Gmail लॉग-इन करें और ऊपर दाईं ओर दिए गए गियर आइकन पर क्लिक करके “See all settings” चुनें।

  2. Smart Features बंद करें
    General टैब में जाकर “Smart features and personalization” विकल्प को अनचेक कर दें।

  3. Workspace एक्सेस कंट्रोल करें
    इसके नीचे मौजूद “Manage Workspace smart feature settings” में जाकर अन्य Google सेवाओं को मिलने वाला डेटा एक्सेस भी बंद कर दें।

इन बदलावों के बाद Gmail की कई AI आधारित सुविधाएं सीमित हो सकती हैं, लेकिन आपकी प्राइवेसी पहले से ज्यादा सुरक्षित हो जाएगी।

🏢 गूगल की सफाई: अफवाह या सच्चाई?

इन आरोपों पर गूगल ने साफ कहा है कि वह यूजर्स के व्यक्तिगत ईमेल या फाइल्स का इस्तेमाल AI मॉडल को ट्रेन करने के लिए नहीं करता। कंपनी के अनुसार, डेटा प्रोसेसिंग केवल सेवाओं को बेहतर बनाने और यूजर एक्सपीरियंस सुधारने के उद्देश्य से होती है, न कि किसी तरह की जासूसी के लिए।
हालांकि, प्राइवेसी एक्सपर्ट्स का मानना है कि यूजर्स को अपनी सेटिंग्स पर खुद नियंत्रण रखना चाहिए और किसी भी प्लेटफॉर्म पर डिफॉल्ट विकल्पों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना चाहिए।