Baby Skin Care Tips: बच्चों को रैशेज से कैसे बचाएं

Baby Skin Care Tips
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Baby Skin Care Tips: छोटे बच्चों की त्वचा बेहद नाजुक और संवेदनशील होती है। जरा सी लापरवाही भी उनकी स्किन पर रैशेज, खुजली, लालपन या फोड़े-फुंसियों जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है। खासतौर पर नवजात और छोटे बच्चों की त्वचा बाहरी वातावरण, धूप, नमी और केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स से जल्दी प्रभावित हो जाती है। ऐसे में पेरेंट्स के लिए जरूरी है कि वे बच्चों की स्किन की सही तरीके से देखभाल करें और जरूरत से ज्यादा प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने से बचें।

विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों की त्वचा पर ज्यादा साबुन, लोशन या क्रीम लगाने से उनकी स्किन का नेचुरल मॉइश्चर खत्म हो सकता है। इससे त्वचा सूखी होने लगती है और जलन या एलर्जी की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए बच्चों की स्किन केयर हमेशा हल्के और सुरक्षित तरीके से करनी चाहिए।

बार-बार बदलें डायपर

बच्चों में डायपर रैश सबसे आम समस्याओं में से एक है। लंबे समय तक गीला डायपर पहनने से त्वचा में नमी बनी रहती है, जिससे जलन और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए कोशिश करें कि बच्चे का डायपर हर 3 से 4 घंटे में जरूर बदलें।

डायपर बदलते समय कुछ मिनटों के लिए बच्चे की त्वचा को खुला छोड़ें ताकि हवा लग सके। इससे स्किन को नमी से राहत मिलती है और रैशेज की संभावना कम होती है। नया डायपर पहनाने से पहले गीले और मुलायम कपड़े से बच्चे की स्किन को हल्के हाथों से साफ करें।

धूप से बचाकर रखें

यदि बच्चा 6 महीने से छोटा है तो उसे तेज धूप में ले जाने से बचें। बच्चों की त्वचा बहुत कोमल होती है और सीधी धूप से उन्हें जलन, खुजली या लाल चकत्तों की समस्या हो सकती है।

सर्दियों में हल्की धूप बच्चों के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन उन्हें लंबे समय तक धूप में न रखें। बाहर ले जाते समय बच्चे के सिर और त्वचा को ढककर रखें ताकि उनकी स्किन सुरक्षित रहे।

रोज न नहलाएं

कई माता-पिता बच्चों को रोज नहलाना जरूरी समझते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार छोटे बच्चों को रोज नहलाना जरूरी नहीं होता। जब तक बच्चा घुटनों के बल चलना शुरू नहीं करता, तब तक उसे सप्ताह में 3 से 4 बार नहलाना पर्याप्त माना जाता है।

बहुत ज्यादा नहलाने से बच्चे की त्वचा ड्राई हो सकती है और खुजली की समस्या बढ़ सकती है। रोज नहलाने के बजाय बच्चे के डायपर वाले हिस्से और जांघों को अच्छी तरह साफ करना ज्यादा जरूरी होता है।

बच्चों को नहलाते समय हमेशा माइल्ड और केमिकल-फ्री बेबी वॉश का इस्तेमाल करें। तेज खुशबू वाले साबुन और प्रोडक्ट्स उनकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

मॉइश्चराइजर का सीमित इस्तेमाल करें

यदि बच्चे की स्किन बहुत संवेदनशील है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के ज्यादा मॉइश्चराइजर इस्तेमाल न करें। कई बार ज्यादा क्रीम या लोशन लगाने से एलर्जी और जलन हो सकती है।

अगर बच्चे की त्वचा ज्यादा रूखी हो रही है, तो प्रभावित हिस्से पर हल्की पेट्रोलियम जेली लगाई जा सकती है। यह त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद करती है और ड्राईनेस कम करती है।

डायपर रैश होने पर क्या करें?

यदि बच्चे को डायपर रैश हो जाएं तो सबसे पहले डायपर तुरंत बदलें और उस हिस्से को हल्के गुनगुने पानी से साफ करें। स्किन को रगड़ने की बजाय हल्के हाथ से सुखाएं।

यदि आप कपड़े वाले डायपर इस्तेमाल करते हैं, तो उन्हें धोने के लिए तेज केमिकल वाले डिटर्जेंट का इस्तेमाल न करें। डायपर को अच्छी तरह धोकर धूप में सुखाएं ताकि बैक्टीरिया खत्म हो सकें।

बच्चों की त्वचा के लिए रखें ये सावधानियां
बच्चों की स्किन पर ज्यादा प्रोडक्ट्स लगाने से बचें
हमेशा हल्के और बेबी-फ्रेंडली प्रोडक्ट्स चुनें
बच्चे के कपड़े मुलायम और साफ रखें
त्वचा पर लालपन या संक्रमण दिखे तो डॉक्टर से सलाह लें
बच्चों को साफ और सूखे वातावरण में रखें

बच्चों की स्किन की सही देखभाल केवल उनकी सुंदरता के लिए नहीं बल्कि उनके स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी और सही आदतें अपनाकर आप अपने बच्चे को रैशेज, खुजली और त्वचा संबंधी समस्याओं से बचा सकते हैं।