Farmer turmeric business: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर क्षेत्र के एक किसान ने खेती के साथ कमाई बढ़ाने का ऐसा तरीका अपनाया है, जो अब कई किसानों के लिए मिसाल बन रहा है। विदर्भ के वाशिम जिले के रहने वाले शिवाजी कुरहे ने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर एक अनोखा बिजनेस मॉडल तैयार किया है। उन्होंने अपने खेत में उगाई गई हल्दी को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के साथ-साथ, ग्राहकों के सामने ही पीसकर बेचने की सेवा शुरू की है।
शिवाजी कुरहे अपने खेत में हल्दी की खेती करते हैं और फसल तैयार होने के बाद इसे सीधे ग्राहकों के घर तक ले जाते हैं। उनकी गाड़ी में लगी ग्राइंडिंग मशीन की मदद से ऑर्डर के अनुसार मौके पर ही हल्दी पीसी जाती है। इससे ग्राहकों को ताजगी और शुद्धता का भरोसा मिलता है, वहीं किसान को भी बेहतर दाम मिलते हैं। कुरहे के मुताबिक, वह रोजाना औसतन करीब 50 किलो हल्दी पाउडर बेच रहे हैं।
बाजार के मुकाबले दोगुना मुनाफा
कुरहे का कहना है कि अगर किसान अपनी फसल व्यापारियों को बेचते हैं, तो उन्हें काफी कम कीमत मिलती है। लेकिन जब वही उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए, तो आमदनी में बड़ा फर्क पड़ता है। उन्होंने बताया कि यदि वह अपनी हल्दी बाजार में किसी व्यापारी को बेचते, तो उन्हें करीब 130 रुपये प्रति किलो का भाव मिलता। वहीं, घर-घर जाकर ताजा पिसी हल्दी बेचने से उन्हें 300 रुपये प्रति किलो तक की कीमत मिल रही है, जो लगभग दोगुने से भी ज्यादा है।
छोटे स्तर से बड़े मॉडल तक का सफर
शुरुआत में शिवाजी कुरहे रोजाना लगभग 20 किलो हल्दी बेचते थे और ग्राइंडर सेट-अप को दोपहिया वाहन पर ले जाते थे। बढ़ती मांग को देखते हुए उन्होंने पंजाब से करीब 2.5 लाख रुपये की लागत से एक विशेष गाड़ी खरीदी, जिसमें पर्याप्त स्टोरेज की सुविधा है। अब वह रोजाना कम से कम 50 किलो हल्दी पाउडर की बिक्री कर पा रहे हैं। उनका मानना है कि अगर किसान इसी तरह सीधे ग्राहकों से जुड़ें, तो वे अपनी आय में अच्छी बढ़ोतरी कर सकते हैं।
सरकार से किसानों के लिए मांग
कुरहे ने सरकार से किसानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग भी की है, ताकि फसलों की सिंचाई समय पर हो सके। उनका कहना है कि बेहतर सुविधाएं मिलने पर किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं और कर्ज माफी जैसी मांगों की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
ग्राहकों को मिल रहा शुद्ध और नेचुरल उत्पाद
इस अनोखी सेवा से ग्राहक भी काफी संतुष्ट हैं। हल्दी पाउडर खरीदने वाली संध्या वाघमारे ने बताया कि उन्हें आंखों के सामने हल्दी पिसी हुई मिलती है, जिससे इसकी शुद्धता पर कोई संदेह नहीं रहता। उनके अनुसार, यह हल्दी पाउडर पूरी तरह नेचुरल है, रंग भी असली है और बाजार में मिलने वाले पाउडर के मुकाबले ज्यादा साफ और मुलायम है।

