Scientists Mysterious Deaths: टॉप वैज्ञानिकों की रहस्यमयी मौतें, साजिश या संयोग?

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Scientists Mysterious Deaths: अमेरिका और चीन जैसे वैश्विक महाशक्तियों में टॉप डिफेंस और टेक्नोलॉजी वैज्ञानिकों की रहस्यमयी मौतों और लापता होने की घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर स्पेस, डिफेंस, न्यूक्लियर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे संवेदनशील क्षेत्रों से जुड़े वैज्ञानिकों की लगातार हो रही मौतों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या यह महज संयोग है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका में करीब 11 शीर्ष रक्षा वैज्ञानिकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत या गुमशुदगी सामने आई है। वहीं चीन में भी कम से कम 9 वैज्ञानिकों की असामान्य हालात में मौत की खबरें सामने आई हैं। इन घटनाओं ने वॉशिंगटन और बीजिंग दोनों में हलचल पैदा कर दी है।

हालांकि, अब तक किसी भी साजिश के ठोस सबूत सामने नहीं आए हैं। लेकिन कुछ मामलों ने शक को और गहरा कर दिया है। ऐसा ही एक मामला चीन की नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ डिफेंस टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर Feng Yanghe का है। 38 वर्षीय फेंग की जुलाई 2023 में बीजिंग में एक संदिग्ध कार दुर्घटना में मौत हो गई थी। वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए युद्ध रणनीतियों पर काम कर रहे थे और ताइवान से जुड़े संभावित सैन्य परिदृश्यों का विश्लेषण कर रहे थे।

फेंग को चीन के उभरते हुए एआई वैज्ञानिकों में गिना जाता था। उन्होंने “War Skull” नामक एक प्लेटफॉर्म विकसित किया था, जिसने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं भी जीती थीं। उनकी मौत के बाद एक सरकारी वेबसाइट पर उन्हें “बलिदान” बताया गया, जिसने इस घटना को और ज्यादा रहस्यमय बना दिया। आमतौर पर सड़क दुर्घटना में मौत को इस तरह नहीं बताया जाता, जिससे संदेह और गहरा गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जिन क्षेत्रों में ये वैज्ञानिक काम कर रहे थे—जैसे हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी, सैन्य एआई और डेटा सुरक्षा—वे भविष्य की वैश्विक ताकतों के लिए बेहद अहम हैं। ऐसे में यह भी आशंका जताई जा रही है कि कोई देश प्रतिद्वंद्वी की तकनीकी प्रगति को धीमा करने की कोशिश कर सकता है। हालांकि, यह सिर्फ अटकलें हैं और इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

इस बीच, अमेरिका में भी इन घटनाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। व्हाइट हाउस से इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। जब Donald Trump से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे “गंभीर मामला” बताया, लेकिन उम्मीद जताई कि यह महज एक संयोग हो सकता है।

इतिहास में ऐसे आरोप पहले भी लग चुके हैं। ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को धीमा करने के लिए वैज्ञानिकों को निशाना बनाने के आरोप Israel पर लगाए गए थे। हालांकि, अमेरिका, चीन या रूस के खिलाफ ऐसी किसी कार्रवाई का कोई ठोस प्रमाण अब तक सामने नहीं आया है।

चीन में जिन अन्य वैज्ञानिकों की मौत हुई है, उनमें अंतरिक्ष विशेषज्ञ झांग शियाओशिन, ड्रोन विशेषज्ञ झांग दाइबिंग, डेटा वैज्ञानिक लियू डोंगहाओ और बायोमेडिकल केमिस्ट ली मिनयोंग शामिल हैं। इन सभी की मौत अलग-अलग परिस्थितियों में हुई, लेकिन एक समानता यह है कि ये सभी संवेदनशील और रणनीतिक क्षेत्रों में काम कर रहे थे।

इन घटनाओं ने वैश्विक स्तर पर चिंता को बढ़ा दिया है, लेकिन अभी तक किसी भी साजिश का स्पष्ट प्रमाण सामने नहीं आया है। यही वजह है कि यह मामला रहस्य बना हुआ है और जांच एजेंसियां हर पहलू से इसकी पड़ताल कर रही हैं।