Mount Elbrus World Record: बिना ऑक्सीजन 24 घंटे रहकर रोहताश खिलेरी ने रचा इतिहास

Mount Elbrus World Record
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Mount Elbrus World Record: भारत के लिए गर्व का एक और ऐतिहासिक क्षण सामने आया है। भारतीय पर्वतारोही रोहताश खिलेरी ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस पर बिना किसी अतिरिक्त ऑक्सीजन के पूरे 24 घंटे बिताकर ऐसा कीर्तिमान रच दिया है, जो आज तक दुनिया में कोई भी हासिल नहीं कर सका। इस साहसिक उपलब्धि के साथ वे ऐसा करने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति बन गए हैं।

माउंट एल्ब्रस: जहां हर कदम जान पर भारी

रूस की काकेशस पर्वतमाला में स्थित माउंट एल्ब्रस की ऊंचाई लगभग 18,510 फीट है। यह न केवल यूरोप की सबसे ऊंची चोटी है, बल्कि विश्व की प्रतिष्ठित सेवन समिट्स सूची का भी हिस्सा है। यह पर्वत अपनी घातक ठंड, तेज बर्फीली हवाओं और अचानक बदलने वाले मौसम के लिए जाना जाता है, जहां अनुभवी पर्वतारोहियों के लिए भी जीवित रहना आसान नहीं होता।

सोशल मीडिया पर साझा किया संघर्ष और सफलता

रोहताश खिलेरी ने अपनी इस ऐतिहासिक उपलब्धि की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावनात्मक पोस्ट के जरिए दी। उन्होंने लिखा कि यह रिकॉर्ड किसी एक दिन का फैसला नहीं, बल्कि 8 वर्षों की कड़ी मेहनत, असफलताओं, दर्द और जुनून का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि यूरोप की सबसे ऊंची चोटी पर बिना ऑक्सीजन के 24 घंटे रुकना उनके जीवन का सबसे कठिन लेकिन सबसे गर्व का क्षण है।

जानलेवा ठंड में अकेले बिताए 24 घंटे

खिलेरी ने बताया कि उन्होंने यह पूरा अभियान अकेले ही पूरा किया। शिखर पर रुकने के दौरान कोई भी व्यक्ति उनके साथ ठहरने को तैयार नहीं था, क्योंकि ठंड और मौसम बेहद खतरनाक था। उन्होंने बताया कि उस समय हालात कुछ इस प्रकार थे:

  • हवा की रफ्तार: 50–60 किमी प्रति घंटा

  • तापमान: -40 डिग्री सेल्सियस

  • विंड चिल: -50 डिग्री सेल्सियस से नीचे

इन परिस्थितियों में बिना ऑक्सीजन जीवित रहना अपने आप में असाधारण साहस की मिसाल है।

यह पहला प्रयास नहीं था

रोहताश खिलेरी के लिए यह सफलता आसान नहीं थी। उन्होंने 2018 से पहले कई बार माउंट एल्ब्रस पर चढ़ाई का प्रयास किया, लेकिन कभी खराब मौसम तो कभी आपात स्थितियों के चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य पर डटे रहे।

फ्रॉस्टबाइट ने उंगलियां छीनी, हौसला नहीं

इस सपने की कीमत उन्हें भारी चुकानी पड़ी। पहले के अभियानों में फ्रॉस्टबाइट के कारण उनकी दो उंगलियां कट गईं, लेकिन उनका जज्बा नहीं टूटा। उन्होंने लिखा कि पहाड़ उनकी उंगलियां ले सकता है, लेकिन उनका सपना नहीं।

शिखर पर लहराया तिरंगा

इस ऐतिहासिक क्षण के दौरान रोहताश खिलेरी ने शिखर पर भारतीय तिरंगा फहराया। साझा किए गए वीडियो में भारी बर्फबारी, तेज हवाएं और बर्फ से जमी उनकी भौंहें और मूंछें साफ नजर आती हैं। वीडियो में वे नीचे उतरते समय मौसम के और बिगड़ने की चेतावनी भी देते दिखाई देते हैं।

सोशल मीडिया पर मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया

उनकी इस उपलब्धि पर सोशल मीडिया पर देशभर से बधाइयों की बाढ़ आ गई। हजारों यूजर्स ने उनके साहस, धैर्य और देशभक्ति की सराहना की। लोगों ने लिखा कि रोहताश खिलेरी ने न केवल एक रिकॉर्ड बनाया है, बल्कि भारत का मान भी ऊंचा किया है।

एल्ब्रस पर भारतीय उपलब्धियों की लंबी सूची

रोहताश खिलेरी की यह सफलता माउंट एल्ब्रस पर भारतीयों की बढ़ती उपलब्धियों में एक और ऐतिहासिक अध्याय जोड़ती है, जिसमें हाल के वर्षों में कई भारतीय पर्वतारोहियों ने दुनिया का ध्यान खींचा है।