PM Modi Israel Visit: मध्य पूर्व की ऐतिहासिक नगरी Jerusalem इन दिनों खास उत्साह और प्रतीकात्मक रंगों से सराबोर नजर आ रही है। भारतीय प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रस्तावित दो दिवसीय राजकीय दौरे से पहले शहर की सड़कों, सरकारी इमारतों और प्रमुख स्थलों को भारत और इज़राइल के राष्ट्रीय ध्वजों से सजाया गया है। जगह-जगह लहराते तिरंगे इस बात का संकेत दे रहे हैं कि इज़राइल इस यात्रा को केवल औपचारिक कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक अवसर के रूप में देख रहा है।
नेसेट तिरंगे की रोशनी में नहाया
इज़राइल की संसद Knesset को भारतीय तिरंगे के रंगों—केसरिया, सफेद और हरे—में रोशन किया गया है। यह दृश्य दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी और गहराते संबंधों का प्रतीक बन गया है। संसद भवन की रोशनी और सजावट ने भारतीय समुदाय और स्थानीय नागरिकों का ध्यान समान रूप से आकर्षित किया है।
नेसेट के स्पीकर Amir Ohana ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में संसद को तिरंगे के रंगों में सजाया गया है। इसे दोनों देशों की दोस्ती और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मान के लिए आभार जताते हुए कहा कि वह नेसेट को संबोधित करने के अवसर की प्रतीक्षा कर रहे हैं। माना जा रहा है कि वह इज़राइली संसद को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे, जो इस यात्रा को और भी ऐतिहासिक बना देता है।
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માનનીય પ્રધાનમંત્રી શ્રી નરેન્દ્ર મોદીજીના સ્વાગત માટે ઇઝરાઇલમાં તૈયારીઓ… pic.twitter.com/McXi5tlv4u
— Jyoti Patel (@jyotijp21) February 25, 2026
स्थानीय मीडिया में खास कवरेज
इज़राइल के प्रमुख समाचार पत्र The Jerusalem Post ने अपने पहले पन्ने पर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर प्रकाशित करते हुए उनका स्वागत किया है। शीर्षक में भारत और यरुशलम के बीच बढ़ती साझेदारी का उल्लेख किया गया है। यह कवरेज इस बात का संकेत है कि इज़राइली समाज और मीडिया में भी इस दौरे को लेकर उत्सुकता है।
रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और इज़राइल के संबंध रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों में तेजी से मजबूत हुए हैं। अपने प्रस्थान से पहले जारी बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह दौरा दोनों देशों के बीच “मजबूत और बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी” को और गहरा करने का अवसर है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हाल के वर्षों में द्विपक्षीय संबंधों में उल्लेखनीय गतिशीलता आई है।
नेतन्याहू और हर्ज़ोग से मुलाकात
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के साथ द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में रक्षा सहयोग, व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
इसके अलावा, वह इज़राइल के राष्ट्रपति Isaac Herzog से भी मुलाकात करेंगे। इन बैठकों को दोनों देशों के उच्च-स्तरीय राजनीतिक संवाद को और मजबूती देने वाला कदम माना जा रहा है।
भारतीय समुदाय से संवाद
प्रधानमंत्री मोदी इज़राइल में बसे भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी संवाद करेंगे। उन्होंने प्रवासी भारतीयों को दोनों देशों के बीच सहयोग और सद्भाव का मजबूत सेतु बताया है। इज़राइल में भारतीय मूल के यहूदी समुदाय और हाल के वर्षों में कामकाज के सिलसिले में पहुंचे भारतीय पेशेवर दोनों ही इस यात्रा को विशेष महत्व दे रहे हैं।
प्रतीक और संदेश
यरुशलम में तिरंगे की रोशनी और सजावट केवल स्वागत की औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह एक स्पष्ट संदेश भी है—भारत और इज़राइल के संबंध अब एक नए और अधिक गहरे चरण में प्रवेश कर रहे हैं। साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, नवाचार और सुरक्षा सहयोग पर आधारित यह साझेदारी आने वाले समय में और मजबूत हो सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा देगा, बल्कि वैश्विक मंच पर भी भारत–इज़राइल सहयोग की अहमियत को रेखांकित करेगा।

