ईरान की सत्ता और नेतृत्व को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि Mojtaba Khamenei गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें कई सर्जरी से गुजरना पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी और इजरायली हमलों के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं, जिनका असर अब भी उनके स्वास्थ्य पर दिखाई दे रहा है।
बताया जा रहा है कि उनके एक पैर की तीन बार सर्जरी हो चुकी है। हालांकि डॉक्टरों ने उनकी जान बचा ली है और वह होश में हैं, लेकिन उनकी शारीरिक स्थिति अब भी बेहद कमजोर बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें कृत्रिम पैर (prosthetic leg) की जरूरत पड़ सकती है। इसके अलावा उनके हाथ में भी चोट आई थी, जिसकी सर्जरी के बाद धीरे-धीरे उसमें सुधार हो रहा है।
चेहरे पर गंभीर चोट, बोलने में दिक्कत
Mojtaba Khamenei को सबसे ज्यादा नुकसान उनके चेहरे पर हुआ है। उनके चेहरे और होंठों पर गंभीर जलने के निशान हैं, जिसके कारण उन्हें बोलने में कठिनाई हो रही है। यही वजह है कि वे लंबे समय से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं और न ही किसी आधिकारिक कार्यक्रम में दिखाई दिए हैं।
मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है, ताकि चेहरे की कार्यक्षमता और संरचना को ठीक किया जा सके।
नेतृत्व संभालने के बाद भी सार्वजनिक रूप से दूर
बताया जाता है कि Mojtaba Khamenei ने देश के सर्वोच्च नेतृत्व की जिम्मेदारी ऐसे समय में संभाली, जब हालात पहले से ही तनावपूर्ण थे। इससे पहले Ali Khamenei के निधन की खबरों ने पूरे देश में हलचल मचा दी थी।
हालांकि, पद संभालने के बाद से Mojtaba Khamenei सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए, जिससे उनके स्वास्थ्य और सक्रियता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
सीमित संपर्क और गुप्त संचार व्यवस्था
उनकी गंभीर हालत का असर उनके कामकाज पर भी पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और सरकारी नेता उनसे सीधे मिलने से बच रहे हैं। इसके बजाय संचार के लिए एक गुप्त प्रणाली अपनाई जा रही है, जिसमें हस्तलिखित और सीलबंद संदेशों का उपयोग किया जाता है।
ये संदेश विश्वसनीय दूतों के जरिए भेजे जाते हैं और जवाब भी उसी तरीके से दिए जाते हैं। इस प्रक्रिया से यह साफ है कि उनकी मौजूदा स्थिति सामान्य प्रशासनिक कार्यों के लिए अनुकूल नहीं है।
सरकार और सैन्य नेतृत्व की भूमिका बढ़ी
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि वर्तमान हालात को देखते हुए कई महत्वपूर्ण फैसले सैन्य नेतृत्व को सौंप दिए गए हैं। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian, जो पेशे से हार्ट सर्जन भी हैं, उनके इलाज की निगरानी कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम भी लगातार उनकी देखभाल में लगी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल Mojtaba Khamenei पूरी तरह से निर्णय लेने की स्थिति में नहीं हैं। हालांकि औपचारिक रूप से उनके हस्ताक्षर लिए जा रहे हैं, लेकिन कई फैसले पहले से तय किए गए होते हैं।
राजनीतिक और वैश्विक असर
ईरान के सर्वोच्च नेता की ऐसी स्थिति का असर देश की राजनीति और वैश्विक कूटनीति दोनों पर पड़ सकता है। खासकर ऐसे समय में, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पहले से ही चरम पर है, नेतृत्व की कमजोरी कई नए सवाल खड़े कर सकती है।
इसके अलावा, परमाणु समझौते जैसे बड़े मुद्दों पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। हाल ही में संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि अमेरिका के प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते समय Mojtaba Khamenei के विचारों को ध्यान में रखा गया था।
Mojtaba Khamenei की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर सामने आई ये रिपोर्ट्स कई गंभीर सवाल खड़े करती हैं। एक तरफ जहां उनका इलाज जारी है, वहीं दूसरी ओर देश के नेतृत्व और फैसलों पर इसका असर साफ नजर आ रहा है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि उनकी सेहत में कितना सुधार होता है और वह किस हद तक सक्रिय भूमिका निभा पाते हैं।

