Israel Lebanon Strikes: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब और ज्यादा खतरनाक रूप लेता जा रहा है। इजराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच टकराव अब खुली सैन्य कार्रवाई में बदल चुका है। ताजा घटनाक्रम में इजराइल ने लेबनान में बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाते हुए 80 से अधिक ठिकानों को नष्ट करने का दावा किया है।
इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) के अनुसार यह कार्रवाई दक्षिणी लेबनान में “फॉरवर्ड डिफेंस ऑपरेशन” के तहत की गई, जिसका उद्देश्य हिज़्बुल्लाह की सैन्य ताकत को कमजोर करना और उसकी दोबारा मजबूती को रोकना है। इस ऑपरेशन को इजराइल की 300वीं ब्रिगेड ने 146वीं डिवीजन के नेतृत्व में अंजाम दिया, जिसमें टारगेटेड रेड्स और सटीक हमलों के जरिए कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया।
दक्षिणी लेबनान में बड़ा सैन्य ऑपरेशन
IDF ने दावा किया है कि इस अभियान के दौरान हिज़्बुल्लाह के हथियार भंडार, कमांड सेंटर और रणनीतिक ठिकानों को नष्ट किया गया। पिछले एक सप्ताह में चलाए गए इन ऑपरेशनों के दौरान दो आतंकियों को भी मार गिराने की बात कही गई है, जो कथित तौर पर छिपे हुए थे।
इजराइल का कहना है कि यह अभियान अभी जारी रहेगा और इसका मकसद उत्तरी सीमा पर अपनी सुरक्षा को मजबूत करना है। साथ ही हिज़्बुल्लाह को दोबारा सैन्य रूप से खड़ा होने से रोकना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है।
हिज़्बुल्लाह की जवाबी कार्रवाई
इजराइल के हमलों के जवाब में हिज़्बुल्लाह ने मंगलवार रात इजराइली क्षेत्रों की ओर दर्जनों रॉकेट दागे। इस हमले के बाद इजराइल ने तुरंत पलटवार करते हुए कई इलाकों में हवाई हमले किए।
इजराइल ने टायर शहर के कुछ हिस्सों को खाली कराने के आदेश दिए और वहां मौजूद हथियार भंडार और मुख्यालय को निशाना बनाया। इस बढ़ती कार्रवाई ने दोनों पक्षों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है।
बेरूत में एयरस्ट्राइक से भारी तबाही
स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब इजराइल ने बेरूत में भी हवाई हमले किए। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इन हमलों में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 24 लोग घायल हुए हैं।
हमले मुख्य रूप से जोकाक अल-ब्लाट और बस्ता अल-फौका जैसे रिहायशी इलाकों में हुए, जहां कई इमारतें पूरी तरह तबाह हो गईं। राहत और बचाव टीमों को मलबे से मानव अवशेष बरामद करने पड़े, जिनकी पहचान डीएनए टेस्ट के जरिए की जाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है और स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।
वित्तीय नेटवर्क और अन्य ठिकाने भी निशाने पर
इजराइल ने यह भी दावा किया है कि उसने “अल-कर्द अल-हसन” नामक संगठन से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया, जिसे वह हिज़्बुल्लाह का वित्तीय नेटवर्क मानता है। इससे साफ है कि इजराइल केवल सैन्य ढांचे ही नहीं बल्कि आर्थिक संसाधनों को भी कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
इसके अलावा, इजराइल ने हमास के एक कमांडर याह्या अबू-लबदा को मार गिराने का भी दावा किया है, जो कथित तौर पर रॉकेट निर्माण और हथियार सप्लाई में शामिल था।
नागरिकों पर बढ़ता खतरा
रिहायशी इलाकों में हो रहे हमलों ने चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया जाता रहा, तो यह संघर्ष और ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता है।
बेरूत में हमलों के बाद लोगों में दहशत का माहौल है। लगातार हो रहे धमाकों और इमारतों के गिरने से आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
ताजा घटनाक्रम से साफ है कि मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। इजराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच बढ़ता टकराव अब एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या हालात काबू में आते हैं या यह संघर्ष और ज्यादा देशों को अपनी चपेट में लेता है। फिलहाल, इस युद्ध की सबसे बड़ी कीमत आम नागरिकों को चुकानी पड़ रही है।

