Ali Larijani News: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच Israel और Iran के बीच टकराव और तेज होता नजर आ रहा है। इसी बीच इजराइल के विदेश मंत्री Gideon Sa’ar ने एक बड़ा और विवादित दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान के एक हाई-प्रोफाइल व्यक्ति, जिस पर 10 मिलियन डॉलर (करीब 80 करोड़ रुपये) का इनाम था, उसे इजराइल ने बिना किसी लागत के “न्यूट्रलाइज” कर दिया।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरे क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ रही हैं और दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है।
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया खुलासा
Gideon Sa’ar ने यह बयान Jerusalem में Estonia के विदेश मंत्री के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया।
उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में ईरान और Lebanon में किए गए ऑपरेशनों में कई अहम नेताओं को निशाना बनाया गया है। यह बयान इजराइल की आक्रामक रणनीति को दर्शाता है, जिसमें वह अपने विरोधियों को सीधे टारगेट कर रहा है।
अली लारीजानी को लेकर बड़ा दावा
इजराइली विदेश मंत्री ने दावा किया कि Ali Larijani, जिन्हें उन्होंने बसीज (Basij) संगठन का नेता बताया, और उनके डिप्टी को खत्म कर दिया गया है।
उन्होंने कहा, “लारीजानी और उनके डिप्टी को न्यूट्रलाइज कर दिया गया है। उनके बिना ईरान के लोग ज्यादा सुरक्षित होंगे। अली लारीजानी पर 10 मिलियन डॉलर का इनाम था—हमने यह काम फ्री में कर दिया।”
हालांकि, इस दावे की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है और Iran की ओर से भी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ईरान की सत्ता को कमजोर करने पर जोर
Gideon Sa’ar ने अपने बयान में यह भी कहा कि ईरान की मौजूदा सत्ता को कमजोर करना जरूरी है।
उनके अनुसार, ऐसा करने से वहां के नागरिक भविष्य में खुद सरकार में बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने ईरान को “अस्तित्व के लिए खतरा” बताते हुए कहा कि इस खतरे को खत्म करना जरूरी है, ताकि क्षेत्र में बार-बार होने वाले युद्धों को रोका जा सके।
“तीन हफ्तों में कमजोर हुआ ईरान”
इजराइली विदेश मंत्री ने दावा किया कि पिछले तीन हफ्तों में ईरान की स्थिति काफी कमजोर हो गई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय का ईरान पहले जैसा मजबूत नहीं रहा और उसकी क्षमता में गिरावट आई है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में लगातार सैन्य गतिविधियां और हमले बढ़ रहे हैं, जिससे हालात और गंभीर होते जा रहे हैं।
बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव
इजराइल द्वारा इस तरह के सीधे दावे मिडिल ईस्ट में तनाव को और बढ़ा सकते हैं। खासकर जब बात किसी बड़े नेता को निशाना बनाने की हो, तो इसके राजनीतिक और सैन्य असर दूरगामी हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे Iran और Israel के बीच टकराव और तेज हो सकता है, जिसका असर पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ेगा।
फिलहाल, इस पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट नहीं है, क्योंकि दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों देशों की प्रतिक्रियाएं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का रुख बेहद अहम होगा।

