Iran UAE Conflict: मिसाइल हमले पर दुनिया में गुस्सा, भारत समेत कई देशों की कड़ी प्रतिक्रिया

Iran UAE Conflict
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Iran UAE Conflict: मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है, जब Iran ने United Arab Emirates (UAE) पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। इस घटना के बाद दुनिया भर में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं और कई देशों ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पहले से ही खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता बनी हुई है, जिससे वैश्विक सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, देश की एयर डिफेंस प्रणाली ने समय रहते 12 बैलिस्टिक मिसाइल, 3 क्रूज मिसाइल और 4 ड्रोन को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया। इसके बावजूद, हमले का असर पूरी तरह टाला नहीं जा सका। फुजैराह क्षेत्र में इस घटना के दौरान तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए, जिससे भारत में भी चिंता की लहर दौड़ गई है।

इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने एकजुट होकर अपनी प्रतिक्रिया दी। Japan की प्रधानमंत्री Sanae Takaichi ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उनका देश स्थिति को शांत करने के लिए सक्रिय कूटनीतिक प्रयास करेगा। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव को बढ़ने से रोकने की अपील की।

वहीं, Jordan के राजा Abdullah II ने यूएई के राष्ट्रपति से बातचीत कर इस हमले की कड़ी निंदा की और हर संभव समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

यूरोप से भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया सामने आई। Ireland की विदेश मंत्री Helen McEntee ने हमले की आलोचना करते हुए कहा कि सभी पक्षों को तुरंत संघर्ष विराम बनाए रखना चाहिए और किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई से बचना चाहिए। इसी तरह Austria ने भी इस हमले को खतरनाक बताते हुए कूटनीतिक समाधान की वकालत की।

खाड़ी क्षेत्र के देशों में भी इस घटना को लेकर चिंता देखी गई। Saudi Arabia ने इस हमले को क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया और कहा कि ऐसे कदम तनाव को और बढ़ा सकते हैं। सऊदी अरब ने सभी देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की।

भारत की ओर से भी इस हमले पर सख्त प्रतिक्रिया आई। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की कड़ी निंदा की। उन्होंने यूएई के साथ एकजुटता जताते हुए कहा कि किसी भी विवाद का समाधान हिंसा के बजाय बातचीत और कूटनीति से ही होना चाहिए। साथ ही उन्होंने Strait of Hormuz में सुरक्षित और निर्बाध समुद्री आवाजाही की अहमियत पर जोर दिया, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला क्षेत्रीय संतुलन को प्रभावित कर सकता है, खासकर उस समय जब पहले से ही खाड़ी क्षेत्र में कई भू-राजनीतिक तनाव मौजूद हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास की स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

कुल मिलाकर, इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि मध्य पूर्व में शांति कितनी नाजुक स्थिति में है। दुनिया के अधिकांश देश अब इस संकट को शांत करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों पर जोर दे रहे हैं, ताकि किसी बड़े संघर्ष को टाला जा सके और क्षेत्र में स्थिरता बहाल हो सके।