Iran protest: ईरान इस समय आर्थिक अस्थिरता और बढ़ती मुद्रास्फीति के कारण गंभीर विरोध-प्रदर्शनों से जूझ रहा है। देश के कई हिस्सों में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इसी पृष्ठभूमि में भारत ने अपने नागरिकों से अपील की है कि वे फिलहाल ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचें और सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
भारत के विदेश मंत्रालय ने जारी परामर्श में कहा कि जिन भारतीयों को खास कारणों से ईरान में रहना या यात्रा करना आवश्यक है, उन्हें अत्यधिक सतर्क रहना चाहिए। मंत्रालय के अनुसार, प्रदर्शन और रैलियों वाले इलाकों से दूरी बनाकर रखें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन अनिवार्य रूप से करें।
भारत ने ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के व्यक्तियों (PIOs) को सलाह दी है कि वे नियमित रूप से समाचार, आधिकारिक सूचना चैनल और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के सोशल-मीडिया अपडेट्स पर नज़र बनाए रखें। साथ ही, वहाँ रहने वाले भारतीयों को, यदि अभी तक नहीं किया है, तो दूतावास में पंजीकरण कराने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, विरोध-प्रदर्शन राजधानी तेहरान से शुरू होकर अब लगभग 25 प्रांतों तक फैल चुके हैं। आर्थिक दबाव, महंगाई और राष्ट्रीय मुद्रा रियाल की तेज गिरावट ने लोगों के असंतोष को और बढ़ा दिया है। अनेक जगहों पर झड़पों और हिंसा की घटनाएँ सामने आई हैं, जिनमें कई लोगों के हताहत होने की खबरें भी मिली हैं।
इस स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया भी देखने को मिली है। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर सख्त कार्रवाई की गई, तो उसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। पहले भी तनावपूर्ण हालात के दौरान अमेरिकी नेतृत्व ने ईरान पर सख्त रुख अपनाने की बात कही थी, जिसके चलते क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा आर्थिक चुनौतियाँ और राजनीतिक तनाव ईरान के भीतर अस्थिरता को और गहरा सकते हैं। ऐसे में किसी भी बाहरी नागरिक के लिए वहाँ यात्रा करना जोखिमभरा साबित हो सकता है। इसी कारण भारत का यह कदम अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है और परिस्थितियों के अनुसार यात्रा परामर्श में आगे बदलाव किए जा सकते हैं। भारत ने स्पष्ट किया है कि सभी नागरिकों को संयम, सतर्कता और आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए।

