Iran Protests: ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। बीते दो हफ्तों से चल रही अशांति में 2,500 से अधिक लोगों की मौत की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा दी है। हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी है। इंटरनेट शटडाउन के कारण वहां पढ़ रहे भारतीय छात्रों से संपर्क टूटने लगा है, जिससे उनके परिवारों की बेचैनी और बढ़ गई है। इसी बीच जम्मू-कश्मीर की एक छात्रा का भावुक वीडियो संदेश सामने आया है, जिसमें वह अपने परिवार को अपनी सलामती की जानकारी देती दिखाई दे रही है।
वीडियो में छात्रा अपने माता-पिता को संबोधित करते हुए कहती है, “अस्सलामुअलैकुम अम्मी-अब्बू, मैं यहां ठीक हूं। यह मेरी दोस्त शायसा का फोन है, उसी से यह वीडियो रिकॉर्ड कर रही हूं ताकि आप तक पहुंच सके। आप परेशान मत होना, मैं जिंदा हूं और सुरक्षित हूं।” छात्रा अपने परिवार को आश्वस्त करते हुए बताती है कि वह ठीक से खा-पी रही है, उसके पास पैसे हैं और वह अधिकतर समय घर के अंदर ही रहती है।
“We are alright, things are okay. Don’t be worried”, say Indian students in Iran, in a message to parents pic.twitter.com/MJ3ogFA3W3
— Sidhant Sibal (@sidhant) January 14, 2026
छात्रा ने कहा कि ईरान में प्रदर्शनों की तीव्रता कभी ज्यादा होती है तो कभी कम, लेकिन फिलहाल स्थिति संभली हुई है। उसने यह भी बताया कि शाम के समय कई इलाकों में कर्फ्यू जैसी स्थिति रहती है, इसलिए बाहर निकलना सीमित है। वीडियो के अंत में वह अपने परिजनों से दुआ करने की अपील करते हुए कहती है कि अगर सरकार ने भारत लौटने को कहा, तो वे तुरंत वापस आएंगे।
इंटरनेट सेवाएं बाधित होने से ईरान में पढ़ रहे छात्रों के परिजनों की चिंता चरम पर है, खासकर जम्मू-कश्मीर में। श्रीनगर में परिजनों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हालात बेहद खराब हैं और छात्रों को जल्द से जल्द भारत वापस लाया जाना चाहिए। कई अभिभावकों ने बताया कि इंटरनेट बंद होने के कारण वे अपने बच्चों को पैसे तक नहीं भेज पा रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से सभी छात्रों की सुरक्षित वापसी की मांग की है।
ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) और FAIMA डॉक्टर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद मोमिन ने कहा कि हालात चुनौतीपूर्ण जरूर हैं, लेकिन अधिकांश छात्र सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि इंटरनेट बंद होने के बावजूद छात्र वैकल्पिक माध्यमों से संपर्क में हैं। कुछ छात्र इराक सीमा के पास पहुंचे, जहां से उन्होंने मैसेज भेजकर अपनी सुरक्षा की पुष्टि की।
डॉ. मोमिन के अनुसार, ईरान में इस समय करीब 3,000 भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जिनमें से 2,000 से अधिक मेडिकल कोर्स (एमबीबीएस और बीडीएस) में हैं। इनमें लगभग 1,800 छात्र जम्मू-कश्मीर से हैं। उन्होंने कहा कि संगठनों और भारतीय दूतावास के साथ मिलकर छात्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
भारतीय दूतावास ने छात्रों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए हॉस्टल में रहने, अनावश्यक बाहर न निकलने और इंडोर गतिविधियों तक सीमित रहने की सलाह दी है। मौजूदा हालात को देखते हुए 24 जनवरी तक सभी कक्षाएं और परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। छात्रों और अभिभावकों तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए एक विशेष व्हाट्सऐप ग्रुप भी बनाया गया है, ताकि अफवाहों से बचा जा सके और समय पर अपडेट मिलते रहें।

