Iran Army Day: ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने आर्मी डे के अवसर पर देश की सशस्त्र सेनाओं की जमकर सराहना की और हाल ही में हुए 40 दिन के संघर्ष को ईरान की रणनीतिक सफलता करार दिया। यह अवसर खास इसलिए भी था क्योंकि सुप्रीम लीडर बनने के बाद यह उनका पहला आर्मी डे संबोधन था, जिससे उनके बयान को काफी अहम माना जा रहा है।
अपने संबोधन में खामेनेई ने कहा कि ईरानी सेना ने कठिन परिस्थितियों में भी मजबूती से मुकाबला किया और विरोधी शक्तियों का डटकर सामना किया। उन्होंने दावा किया कि इस संघर्ष ने दुश्मनों की कमजोरी को उजागर किया और यह दिखाया कि ईरान दबाव में भी पीछे हटने वाला देश नहीं है।
खामेनेई ने विशेष रूप से सेना की जवाबी कार्रवाई की क्षमता पर जोर देते हुए कहा कि कठिन हालात के बावजूद ईरानी बलों ने प्रभावी जवाब दिया। उन्होंने सैनिकों के साहस और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनकी भूमिका देश की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण रही है।
इस दौरान उन्होंने आधुनिक सैन्य तकनीक, खासकर ड्रोन और नौसेना क्षमताओं का भी उल्लेख किया। खामेनेई ने कहा कि ईरान के ड्रोन सिस्टम दुश्मनों पर तेजी से और सटीक हमला करने में सक्षम हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में देश अपनी समुद्री ताकत को और मजबूत करेगा, ताकि किसी भी चुनौती का सामना किया जा सके।
ईरानी नौसेना की तैयारियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह बल पूरी तरह से सजग और सक्षम है। आने वाले समय में इसे और उन्नत बनाने की योजना पर काम किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपनी रक्षा क्षमताओं को लगातार मजबूत करने के लिए नए कदम उठाएगा।
इस मौके पर खामेनेई ने अपने पिता अली खामेनेई को भी याद किया। उन्होंने कहा कि 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद सेना को सही दिशा देने और उसे मजबूत बनाए रखने में उनके पिता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उन्होंने पिछले पांच दशकों में सेना को सशक्त बनाने वाले कमांडरों और हालिया संघर्ष में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि भी दी। खामेनेई ने सेना को “देश की सीमाओं और मिट्टी की रक्षा करने वाला सबसे मजबूत स्तंभ” बताया।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व क्षेत्र में तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है। ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है, वहीं इज़राइल के साथ भी संबंध काफी तनावपूर्ण हैं। ऐसे में इस तरह के आक्रामक और आत्मविश्वास से भरे बयान क्षेत्रीय समीकरणों को और प्रभावित कर सकते हैं।
आर्मी डे के इस संदेश के जरिए ईरान ने यह साफ संकेत दिया है कि वह अपनी सैन्य ताकत को लगातार बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। ड्रोन तकनीक, समुद्री शक्ति और आधुनिक युद्ध प्रणाली पर फोकस उसकी भविष्य की रणनीति का हिस्सा होगा।
कुल मिलाकर, खामेनेई का यह संबोधन न केवल सेना के मनोबल को बढ़ाने वाला है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि ईरान आने वाले समय में अपनी रक्षा नीति को और आक्रामक और मजबूत बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है। इसका असर क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति दोनों पर देखने को मिल सकता है।

