इमरान खान हेल्थ अपडेट: तत्काल इलाज की मांग

Imran Khan

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan की सेहत को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। उनकी दाईं आंख की रोशनी गंभीर रूप से प्रभावित होने की खबरों के बीच पाकिस्तान के दिग्गज पूर्व क्रिकेटर Wasim Akram और Waqar Younis ने अधिकारियों से तत्काल और समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की अपील की है।

वसीम अकरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुनकर बेहद दुख हो रहा है कि उनके पूर्व कप्तान स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित अधिकारी मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्हें सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएंगे। अकरम ने इमरान खान के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।

गौरतलब है कि अकरम 1992 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा थे, जिसकी कप्तानी इमरान खान ने की थी। उनके अलावा वकार यूनिस ने भी राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार कर मानवीय आधार पर तत्काल इलाज की मांग की। वकार ने कहा कि देश को विश्व कप दिलाने वाले राष्ट्रीय नायक को आपात चिकित्सा सहायता मिलनी चाहिए।

73 वर्षीय इमरान खान अगस्त 2023 से विभिन्न मामलों में हिरासत में हैं। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) का आरोप है कि ये मामले राजनीतिक प्रतिशोध के तहत दर्ज किए गए हैं। हालांकि फिलहाल राजनीतिक बहस से ज्यादा उनकी सेहत चर्चा का विषय बनी हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में रावलपिंडी की अदियाला जेल में इमरान खान के स्वास्थ्य पर पेश की गई मेडिकल रिपोर्ट की समीक्षा की। रिपोर्ट में बताया गया कि उनकी दाईं आंख की दृष्टि लगभग 15 प्रतिशत ही शेष है और तत्काल विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सक से जांच कराने की सिफारिश की गई है।

अदालत ने निर्देश दिया कि एक कैदी के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी राज्य की होती है, इसलिए उनका संपूर्ण मेडिकल परीक्षण कराया जाए। साथ ही अदालत ने उन्हें अपने निजी डॉक्टरों से परामर्श और बेटों कासिम व सुलेमान से टेलीफोन पर बातचीत की अनुमति देने के निर्देश भी दिए।

रिपोर्ट में बताया गया कि अक्टूबर 2025 तक उनकी दोनों आंखों की रोशनी सामान्य (6/6) थी। बाद में उन्होंने धुंधला दिखाई देने और दृष्टि कमजोर होने की शिकायत की। Pakistan Institute of Medical Sciences (PIMS) के एक नेत्र विशेषज्ञ ने जांच के बाद बताया कि खून का थक्का (ब्लड क्लॉट) बनने से दाईं आंख को गंभीर नुकसान पहुंचा है। इलाज के बावजूद अब तक केवल आंशिक सुधार ही हो पाया है।

इमरान खान के बेटे कासिम खान ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि उनके पिता की हालत लंबी एकांत कैद और उचित चिकित्सा सुविधा न मिलने के कारण बिगड़ी है। हालांकि जेल प्रशासन ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि उन्हें नियमों के अनुसार चिकित्सा सुविधा दी जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, सरकार एक संयुक्त मेडिकल बोर्ड गठित करने पर विचार कर रही है, जिसमें सरकारी और निजी डॉक्टर शामिल हो सकते हैं। इस बोर्ड के गठन और इलाज की जगह को लेकर केंद्र सरकार, पीटीआई नेतृत्व, परिवार और कानूनी टीम के बीच चर्चा जारी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमरान खान को अदियाला जेल से इस्लामाबाद के किसी अस्पताल में शिफ्ट किया जा सकता है। जिन अस्पतालों के नाम पर विचार हो रहा है, उनमें Al-Shifa Trust Eye Hospital, PIMS और Shifa International Hospital शामिल हैं। पीटीआई नेताओं ने मांग की है कि उनका इलाज शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में उनके निजी डॉक्टरों की निगरानी में कराया जाए।

इस बीच विपक्षी सांसदों ने संसद भवन के बाहर धरना देकर पारदर्शिता और विशेषज्ञ इलाज की मांग की। इमरान खान की बहन अलीमा खान ने बताया कि अदालत के आदेश के बाद उन्हें अपने बेटों से लगभग 20 मिनट तक फोन पर बात करने की अनुमति मिली, जिससे वे भावुक और खुश नजर आए।

फिलहाल पूरा देश इमरान खान की सेहत को लेकर चिंतित है और उनके समर्थक जल्द से जल्द बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।