Imran Khan News: पाकिस्तान की एक स्थानीय अदालत ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान तथा उनकी पत्नी बुशरा बीबी की कई मामलों में अंतरिम जमानत बढ़ा दी है। अदालत ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई पर इमरान खान को—चाहे व्यक्तिगत रूप से या वीडियो लिंक के ज़रिए—पेश होना ही होगा।
यह आदेश अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश मुहम्मद अफ़ज़ल माजोका ने जारी किया। कार्यवाही के दौरान अधिवक्ता शम्सा कायानी ने इमरान खान और बुशरा बीबी का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि, इमरान खान की अनुपस्थिति के कारण जमानत अर्ज़ियों पर दलीलें नहीं सुनी जा सकीं।
कई मामलों में कार्रवाई जारी
इमरान खान पर फिलहाल कई कानूनी मुकदमे चल रहे हैं—जिनमें 9 मई की हिंसा, हत्या के प्रयास का मामला और कथित नकली रसीदें जमा कराने के आरोप शामिल हैं। दूसरी ओर, बुशरा बीबी के खिलाफ तोशाख़ाना से जुड़े एक अलग मामले में भी कार्रवाई हो रही है।
एक अन्य सुनवाई में, अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश चौधरी आमिर ज़िया ने बुशरा बीबी की अग्रिम अंतरिम जमानत भी बढ़ा दी। यह मामला रामना थाने में दर्ज है और शांतिपूर्ण सभा तथा सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े प्रावधानों सहित विभिन्न धाराओं के तहत आता है।
कानूनी पहुँच को लेकर आपत्तियाँ
PTI का कहना है कि उनके वकील ख़ालिद यूसुफ़ चौधरी को अडियाला जेल में इमरान खान से मिलने की अनुमति नहीं दी गई, जबकि अपील दायर करने के लिए पावर ऑफ़ अटॉर्नी पर उनके हस्ताक्षर आवश्यक थे।
पार्टी ने इन प्रतिबंधों को “जानबूझकर पैदा की गई रुकावटें” बताया और कहा कि कानूनी डेस्क बंद कर दी गई है तथा वकीलों से मुलाकातों में बाधा डाली जा रही है।
PTI ने बिना रुकावट कानूनी सुविधा की माँग की
PTI का तर्क है कि पंजाब प्रिज़न रूल्स, 1978 के तहत कैदियों को अपने वकीलों से मिलने, कानूनी दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करने और अपील दायर करने का अधिकार है। पार्टी का कहना है कि इस पहुँच से इनकार करना संविधान के अनुच्छेद 10-A, 4, 9 और 25 की भावना के विपरीत है।
पार्टी ने इमरान खान और बुशरा बीबी को तत्काल और निर्बाध कानूनी सहायता देने की माँग दोहराई।
मामले की सुनवाई अब 27 जनवरी तक स्थगित कर दी गई है, और अदालत ने निर्देश दिया है कि अगली तारीख पर दोनों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।

