ट्रंप का बड़ा दावा: होर्मुज जलडमरूमध्य अब कभी बंद नहीं होगा

Hormuz Strait
Hormuz Strait

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने वैश्विक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़ा एक बड़ा बयान देकर नई बहस छेड़ दी है। ट्रंप के अनुसार, ईरान इस बात पर सहमत हो गया है कि वह अब भविष्य में Hormuz Strait को कभी बंद नहीं करेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।

ट्रंप ने कहा कि यह अहम समुद्री मार्ग अब किसी भी देश के खिलाफ “हथियार” के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। उनके इस दावे को वैश्विक स्तर पर राहत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है। इस रास्ते से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा कच्चा तेल और गैस का परिवहन होता है।

इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। कई विशेषज्ञ इसे मध्य-पूर्व में स्थिरता की दिशा में एक सकारात्मक संकेत मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे केवल एक राजनीतिक दावा भी बता रहे हैं, जिसकी पुष्टि अभी पूरी तरह से नहीं हुई है।

इससे पहले ईरान ने संकेत दिए थे कि वह इस समुद्री मार्ग को फिर से खोलने के लिए तैयार है। लेबनान में संघर्ष विराम के बाद, ईरान के विदेश मंत्री ने घोषणा की थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक जहाजों के लिए फिर से खोल दिया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि यह कदम केवल संघर्ष विराम की अवधि तक ही लागू रहेगा।

स्थिति उस समय गंभीर हो गई थी जब 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के कई ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की। इसके जवाब में ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा।

यदि समय अवधि पर नजर डालें, तो 28 फरवरी से लेकर 17 अप्रैल 2026 तक, लगभग 49 दिनों तक होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित रही। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी देखा गया और कई देशों ने चिंता व्यक्त की।

अब, इस मार्ग के दोबारा खुलने और ट्रंप के दावे के बाद हालात सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर भी इस बात की पुष्टि करते हुए लिखा कि ईरान ने सभी प्रकार के जहाजों के लिए इस मार्ग को खोलने का निर्णय लिया है।

गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान के अन्य बंदरगाहों को लेकर सख्त रुख अपनाया था और नाकेबंदी की घोषणा भी की थी। ऐसे में यह नया बयान कूटनीतिक स्तर पर एक बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।

हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर अभी भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह समझौता स्थायी है या केवल अस्थायी राहत।

कुल मिलाकर, होर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना और इसे भविष्य में बंद न करने का दावा वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और भू-राजनीतिक संतुलन के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।