Epstein Files Controversy: यौन अपराधों के दोषी करार दिए जा चुके अमेरिकी वित्त कारोबारी Jeffrey Epstein को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस छिड़ गई है। इस बार विवाद की वजह उनके कथित खुफिया संबंध हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया चर्चाओं में यह दावा किया जा रहा है कि एपस्टीन ने इजरायल की खुफिया एजेंसी Mossad के लिए काम किया था, खासकर उस समय जब Ehud Barak इजरायल के प्रधानमंत्री थे। हालांकि, इजरायल के वर्तमान और पूर्व शीर्ष अधिकारियों ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
नेतन्याहू का तीखा जवाब
इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने सोशल मीडिया मंच X (पूर्व में ट्विटर) पर इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एपस्टीन और एहुद बराक के बीच व्यक्तिगत संबंधों का होना इस बात का प्रमाण नहीं है कि एपस्टीन किसी खुफिया एजेंसी के लिए काम करता था। उन्होंने कहा कि “यह दावा तथ्यों के बिल्कुल विपरीत है।”
नेतन्याहू ने इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देते हुए बराक पर इजरायली लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप भी लगाया। उनके बयान ने विवाद को और गरमा दिया, क्योंकि विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक हमला करार दिया।
अन्य पूर्व प्रधानमंत्रियों और अधिकारियों का खंडन
इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री Naftali Bennett ने भी इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि वह “100 प्रतिशत निश्चितता” के साथ कह सकते हैं कि एपस्टीन का मोसाद या इजरायल से कोई संबंध नहीं था।
इसी तरह, मोसाद के पूर्व प्रमुख Yossi Cohen ने भी स्पष्ट शब्दों में कहा कि एपस्टीन का खुफिया एजेंसी से “बिल्कुल कोई संबंध नहीं” था। उन्होंने इन आरोपों को पूरी तरह अफवाह बताया।
अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेज
इस पूरे विवाद के बीच अमेरिकी न्याय विभाग, यानी United States Department of Justice (DOJ), द्वारा जारी किए गए दस्तावेज भी चर्चा में हैं। DOJ ने एपस्टीन से जुड़े 30 लाख से अधिक पन्नों के रिकॉर्ड सार्वजनिक किए हैं। हाल ही में 30 जनवरी को जारी अंतिम दस्तावेजी खेप में कई प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम सामने आए, जिनमें कारोबारी, राजनेता और अन्य चर्चित हस्तियां शामिल हैं।
हालांकि, अब तक जारी दस्तावेजों में कहीं भी यह प्रमाण नहीं मिला है कि एपस्टीन मोसाद का एजेंट था। दस्तावेजों में मुख्य रूप से ईमेल, वित्तीय लेन-देन, निजी संपर्क और यात्रा संबंधी विवरण शामिल हैं। जांच एजेंसियां इन दस्तावेजों का विश्लेषण कर रही हैं, लेकिन मोसाद कनेक्शन का कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।
एपस्टीन और बराक का संबंध
एहुद बराक ने स्वीकार किया है कि उनकी एपस्टीन से मुलाकातें हुई थीं। उन्होंने इस संबंध पर सार्वजनिक रूप से “अफसोस” भी जताया। बराक के कार्यालय के अनुसार, इन मुलाकातों का उद्देश्य सामाजिक और व्यावसायिक परिचय तक सीमित था।
दस्तावेजों के अनुसार, बराक और उनकी तत्कालीन पत्नी नवा बराक एपस्टीन के न्यूयॉर्क स्थित अपार्टमेंट में ठहरे थे। अमेरिका यात्राओं के दौरान वे कभी-कभी डिनर या मीटिंग के लिए वहां गए थे। हालांकि, बराक का कहना है कि उन्होंने कभी किसी अवैध या अनुचित गतिविधि में भाग नहीं लिया और न ही ऐसी किसी गतिविधि को देखा।
अफवाहें बनाम तथ्य
एपस्टीन का नाम पहले भी कई साजिश सिद्धांतों और राजनीतिक विवादों में सामने आता रहा है। उनकी 2019 में हिरासत के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने इन अटकलों को और हवा दी थी। अब मोसाद से जुड़े दावों ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
लेकिन फिलहाल उपलब्ध दस्तावेजों और इजरायल के शीर्ष नेताओं के स्पष्ट बयानों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि एपस्टीन के मोसाद एजेंट होने का दावा महज अटकलों और अफवाहों पर आधारित है। किसी भी आधिकारिक या कानूनी जांच में ऐसा कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है जो इन आरोपों की पुष्टि करे।

