China Taiwan Tension: ताइवान और चीन के बीच चल रहा तनाव एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय (MND) ने बुधवार को जानकारी दी कि उसने ताइवान के आसपास के समुद्री और हवाई क्षेत्रों में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की व्यापक सैन्य गतिविधियों को दर्ज किया है। इन घटनाक्रमों ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
✈️ ADIZ में घुसे चीनी विमान
ताइवान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, स्थानीय समयानुसार सुबह 6 बजे तक चीन के 11 सैन्य विमान, छह नौसैनिक युद्धपोत और एक सरकारी चीनी पोत ताइवान के आसपास सक्रिय पाए गए। इनमें से 11 विमानों में से 9 विमानों ने ताइवान और चीन के बीच मानी जाने वाली मध्य रेखा को पार किया और ताइवान के उत्तरी व दक्षिण-पश्चिमी वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (ADIZ) में प्रवेश किया।
मध्य रेखा को पार करना ताइवान की सुरक्षा नीति के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है और इसे सीधे तौर पर उकसावे की कार्रवाई के रूप में देखा जाता है।
🚨 ताइवान की सेना अलर्ट
रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और ताइवान की थल, जल और वायु सेनाओं ने आवश्यक जवाबी कदम उठाए हैं। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह तैयार हैं।
📅 लगातार बढ़ रही सैन्य गतिविधियां
यह पहली बार नहीं है जब चीन ने इस तरह की सैन्य तैनाती की हो। इससे एक दिन पहले, मंगलवार को भी ताइवान ने आठ चीनी सैन्य विमानों और सात नौसैनिक जहाजों की मौजूदगी दर्ज की थी। उस दौरान भी दो चीनी विमानों ने मध्य रेखा पार कर ताइवान के दक्षिण-पश्चिमी और पूर्वी ADIZ में प्रवेश किया था।
विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की लगातार सैन्य गतिविधियां ताइवान पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा हैं।
📊 थिंक टैंक की चेतावनी
इस बीच, अमेरिका स्थित थिंक टैंक जर्मन मार्शल फंड की एक हालिया रिपोर्ट ने चीन के संभावित सैन्य अभियान को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, यदि चीन ताइवान पर पूर्ण पैमाने पर उभयचर हमला करता है, तो उसे एक लाख तक सैन्य हताहतों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे अंततः उसे पीछे हटना पड़ सकता है।
🏝️ सीमित कब्जे की आशंका
हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन ताइवान के मुख्य द्वीप पर कब्जा करने में भले ही असफल रहे, लेकिन वह किनमेन और मात्सु जैसे अपतटीय द्वीपों पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश कर सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, संघर्ष की स्थिति में ताइवान जलडमरूमध्य में अमेरिकी और ताइवानी सेनाओं की कार्रवाई से चीन को भारी लॉजिस्टिक नुकसान हो सकता है, जिससे उसका अभियान कमजोर पड़ सकता है।
⚠️ क्षेत्रीय अस्थिरता का खतरा
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ताइवान के आसपास बढ़ती चीनी सैन्य गतिविधियां पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अस्थिरता को बढ़ावा दे सकती हैं। यदि यह तनाव यूं ही बढ़ता रहा, तो चीन-ताइवान संघर्ष का खतरा आने वाले समय में और गहराने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

