Meerut Sex Racket Busted: उत्तर प्रदेश के Meerut जिले में पुलिस ने एक बड़े सेक्स रैकेट का खुलासा करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना रेलवे रोड क्षेत्र में की गई, जहां लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस के अनुसार, यह अवैध धंधा एक रिहायशी इलाके में चलाया जा रहा था, जिससे स्थानीय लोग भी परेशान थे।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि भटीपुरा देवपुरी इलाके में स्थित इब्राहीम शाह मस्जिद के पास एक मकान में देह व्यापार संचालित होने की सूचना लगातार मिल रही थी। मुखबिरों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों की शिकायतों ने भी पुलिस को सतर्क किया। इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर छापेमारी की योजना बनाई गई।
थाना रेलवे रोड के प्रभारी निरीक्षक जनार्दन प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारकर पांच लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान माजिद मलिक, दानियाल उर्फ साहिल, शगुफ्ता खान, शाकिर और ताबिश के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी इस अवैध नेटवर्क का हिस्सा थे और अलग-अलग भूमिकाएं निभा रहे थे।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इस पूरे रैकेट का संचालन मुख्य आरोपी इरशाद पठान उर्फ पिंकू पठान कर रहा था, जो फिलहाल फरार है। पुलिस का दावा है कि इरशाद अपनी पत्नी शगुफ्ता खान और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर अपने ही घर में इस अवैध गतिविधि को चला रहा था। अन्य आरोपी ग्राहकों की व्यवस्था करने और नेटवर्क को संचालित करने में मदद करते थे।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए हैं। इनमें चार मोबाइल फोन, एक सीसीटीवी डीवीआर, 4200 रुपये नकद, एक स्कूटी और अन्य आपत्तिजनक सामग्री शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल ग्राहकों से संपर्क करने और गतिविधियों की निगरानी के लिए किया जाता था।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता और अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित कनेक्शनों का पता लगाया जा सके। साथ ही फरार मुख्य आरोपी की तलाश के लिए भी पुलिस टीमों को लगाया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में स्थानीय लोगों की सतर्कता और समय पर दी गई सूचना बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस कार्रवाई से इलाके में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि आगे भी ऐसे अभियानों को जारी रखा जाएगा और किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि वे अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
यह मामला एक बार फिर यह दर्शाता है कि अवैध गतिविधियां कई बार रिहायशी इलाकों में भी छिपकर संचालित होती हैं। ऐसे में सतर्कता, जागरूकता और समय पर कार्रवाई ही इन्हें रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।

